भोजपुर, बिहार: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुए पुलिस एनकाउंटर में घायल युवक भरत भूषण तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल भरत भूषण तिवारी को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना के ** (PMCH)** रेफर किया गया। वहीं उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे सूचना मिली कि बिलौटी गांव निवासी काशीनाथ तिवारी का पुत्र भरत भूषण तिवारी हाथ में पिस्टल लेकर गांव में खुलेआम घूम रहा है और हवा में फायरिंग कर रहा है। सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस और भोजपुर STF की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
आत्मसमर्पण के लिए समझाती रही पुलिस
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी युवक को कई बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया। आरोप है कि वह लगातार पुलिस टीम पर पिस्टल ताने रहा और रुक-रुक कर फायरिंग करता रहा। इससे आसपास मौजूद ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की जान खतरे में पड़ गई।
20 मिनट तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 20 मिनट तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। युवक बार-बार पुलिस को चेतावनी देता रहा कि यदि किसी ने नजदीक आने की कोशिश की तो वह गोली मार देगा। स्थिति बिगड़ती देख STF के जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर इलाके की घेराबंदी कर दी।
जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
पुलिस का कहना है कि जब भरत भूषण तिवारी ने पुलिस टीम को निशाना बनाकर गोली चलाई, तब आत्मरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान गोली उसके पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
हथियार और कारतूस बरामद
घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखा बरामद किए हैं। बरामद सामान को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
SDM को दी थी एनकाउंटर की धमकी
जांच में सामने आया है कि भरत भूषण तिवारी ने हाल ही में सोशल Media पर हथियार के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की थी। आरोप है कि उसने **** को खुलेआम एनकाउंटर की धमकी भी दी थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी।
पुलिस कर रही आगे की जांच
भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और उसके पीछे कोई आपराधिक नेटवर्क तो नहीं था।