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Wednesday, June 17, 2026

BIHAR:रौशन आनंद मामले में NHRC की एंट्री, पटना SSP से दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट; खान सर पर लगाए गंभीर आरोप

पटना: (NHRC) ने ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर से जुड़े विवादित मामले में संज्ञान लिया है। जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच अब मामला और गरमा गया है। आयोग ने पटना एसएसपी को पत्र भेजकर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

विशाल रंजन दफ्तुआर ने NHRC को भेजा पत्र

जानकारी के मुताबिक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने 10 जून को ही को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली आयोग की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया।

आयोग ने प्रारंभिक तौर पर माना कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं। इसी आधार पर पटना एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।

पत्र में क्या लगाए गए आरोप?

विशाल रंजन दफ्तुआर ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि को उर्फ खान सर की शह पर पटना पुलिस ने एक आपराधिक मामले में गलत तरीके से फंसाया।

पत्र में कहा गया कि में दर्ज प्राथमिकी में आरोप था कि रौशन आनंद से जुड़े कुछ लोग दूसरे कोचिंग संस्थान पर हमला, तोड़फोड़ और धमकी देने में शामिल थे। शिकायत के अनुसार पर्याप्त जांच और प्रत्यक्ष साक्ष्य के बिना ही पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराएं जोड़ दीं और एफआईआर के कुछ ही घंटों के भीतर रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी को बताया मनमाना

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि रौशन आनंद किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे में गिरफ्तारी की प्रक्रिया को एकपक्षीय और मनमाना बताया गया है।

दफ्तुआर ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई ने न केवल रौशन आनंद के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया, बल्कि जांच एजेंसी की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की परिस्थितियों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।

जेल से बाहर आते ही खान सर पर बरसे रौशन आनंद

जेल से बाहर आने के बाद ने पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की हत्या कराई गई।

रौशन आनंद ने यह भी कहा कि जेल के भीतर भी उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। उनके मुताबिक उन्हें धमकी दी गई थी कि यदि मामला “मैनेज” नहीं किया गया तो उनके भाई की हत्या करवा दी जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी साजिश के तहत फायरिंग कराई गई और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया।

अब सबकी नजर SSP रिपोर्ट पर

फिलहाल पूरे मामले में राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पटना एसएसपी की रिपोर्ट में क्या सामने आता है।

यदि जांच में मानवाधिकार उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो यह मामला बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।