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Sunday, June 21, 2026

मधेपुरा के मोहम्मद आदिल ने 70वीं BPSC परीक्षा में मारी बाजी, RDO पद पर हुआ चयन

मधेपुरा के मोहम्मद आदिल ने 70वीं BPSC परीक्षा में मारी बाजी, RDO पद पर हुआ चयन

मधेपुरा से एक प्रेरणादायक सफलता की खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शनिवार को 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी किया, जिसमें राज्य के विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए 2027 उम्मीदवारों का चयन हुआ। इस परीक्षा में मधेपुरा जिले के मुरलीगंज नगर पंचायत वार्ड संख्या-3 काशीपुर निवासी मोहम्मद आदिल ने शानदार सफलता हासिल की है। उनका चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद पर हुआ है।

मोहम्मद आदिल, शिक्षक मोहम्मद चांद अली और आंगनबाड़ी सेविका अकबरी खातून के बड़े पुत्र हैं। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

शिक्षा से लेकर संघर्ष तक का सफर

आदिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंद्रमणि मध्य विद्यालय, मुरलीगंज से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बी.एल. हाई स्कूल से माध्यमिक शिक्षा पूरी की और एल.पी.एम. कॉलेज से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया।

उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बी.पी. मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मधेपुरा से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद वे BPSC की तैयारी के लिए पटना चले गए।

सफलता की राह आसान नहीं थी

मोहम्मद आदिल के लिए सफलता का यह सफर आसान नहीं रहा। पहले और दूसरे प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी।

आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने 70वीं BPSC परीक्षा पास कर RDO पद हासिल कर लिया। सफलता की खबर मिलते ही उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजन, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।

आदिल ने युवाओं को दिया संदेश

अपनी सफलता पर आदिल ने कहा कि ईमानदारी, लगन और धैर्य के साथ की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। उन्होंने बताया कि BPSC की तैयारी उन्होंने मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के जरिए की और निरंतर प्रयास के दम पर यह मुकाम हासिल किया।

उनके पिता मोहम्मद चांद अली बेटे की सफलता पर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी 40वीं BPSC परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। भावुक होकर उन्होंने कहा—
“आज मेरे बेटे ने वह सपना पूरा कर दिखाया है।”

मोहम्मद आदिल की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।