बिहार में अवैध हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा: SOG-10 ने दबोचे 4 तस्कर, पिस्टल-कट्टा समेत भारी मात्रा में कारतूस बरामद
पटना। बिहार पुलिस की विशेष अभियान समूह (SOG-10) ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने चार हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पिस्टल, कट्टा, कार्बाइन, मैगजीन और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य आपराधिक मामलों में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।
चार जिलों में हो रही थी हथियारों की सप्लाई
पुलिस को 18 जून को गुप्त सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर जिलों में सक्रिय आर्म्स तस्कर अवैध रूप से पिस्टल, कट्टा और गोलियों की बड़ी खेप सप्लाई कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू कर दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान औरंगाबाद जिले के उपहारा थाना क्षेत्र निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा, हसपुरा थाना निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम, तथा गोह थाना क्षेत्र निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली और इश्तेखार आलम के रूप में हुई है।
संयुक्त छापेमारी में पकड़े गए तस्कर
19 जून को SOG-10 की टीम ने SOG-09, CHITA-02, DIU औरंगाबाद और गोह थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। गोह-रफीगंज रोड स्थित डीहुरी बाजार के पास छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान चारों तस्कर तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर हथियारों की डिलीवरी देने जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से तीन लोडेड पिस्टल, सात मैगजीन और 60 जिंदा गोलियां बरामद की गईं।
गांव में छिपाकर रखा था हथियारों का जखीरा
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में छापेमारी की। यहां बिक्री के लिए छिपाकर रखे गए कई हथियार बरामद हुए।
पुलिस ने मौके से दो देशी कार्बाइन (थारनेट), दो कट्टे और एक टूटा हुआ कट्टा बरामद किया। इसके अलावा .315 बोर की 55 गोलियां और 7.62 बोर की 44 गोलियां भी जब्त की गईं।
छापेमारी में दो खोखे, चार मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने हथियार तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इसके बाद सभी को गोह थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों की सप्लाई किन लोगों तक की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हैं।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य मामलों में उनकी संभावित भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है।