मधेपुरा/बेगूसराय: बिहार पुलिस के लिए गुरुवार की रात बेहद दुखद साबित हुई। मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्ष और एक निजी चालक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय हुआ, जब चारों पटना से प्रशिक्षण लेकर मधेपुरा लौट रहे थे। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी, जिससे मौके पर ही सभी की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार, राज्य पुलिस मुख्यालय पटना स्थित सरदार पटेल भवन में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञों द्वारा थानाध्यक्षों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण के दौरान क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम (CCTNS) 1.0 के तहत एफआईआर, चार्जशीट और जांच रिपोर्ट को डिजिटल रूप से दर्ज करने तथा थानों के डाटा को कोर्ट, जेल और फोरेंसिक लैब से जोड़ने की प्रक्रिया समझाई गई।
इस प्रशिक्षण में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज Kumar शामिल हुए थे। 10 और 11 जून को आयोजित प्रशिक्षण के बाद गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे तीनों अधिकारी पटना से कार द्वारा मधेपुरा के लिए रवाना हुए। कार निजी चालक ज्योतिष कुमार चला रहा था।
रात करीब 1 बजे बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के समीप एनएच पर उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा।
बताया गया कि 10 जून की अलसुबह करीब 4 बजे अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान उदाकिशुनगंज पहुंचे थे। यहां से वे बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की कार से पटना के लिए रवाना हुए थे। उदाकिशुनगंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र ज्योतिष कुमार को ड्राइवर के रूप में साथ लिया गया था।
अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र 2009 बैच के दारोगा थे। वे कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र के आजमनगर निवासी योगेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र थे। सितंबर 2025 से अरार थाना में पदस्थापित थे। उनका स्वभाव बेहद सरल और मिलनसार बताया जाता है। उनके परिवार में पत्नी और 17 वर्षीय पुत्र हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार बेगूसराय के लिए रवाना हो गया।
रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान 2018 बैच के दारोगा थे। वे कैमूर जिले के भभुआ निवासी लक्ष्मण पासवान के पुत्र थे। साजन कुमार की अभी शादी नहीं हुई थी। वे अपने कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार भी 2018 बैच के दारोगा थे। उन्हें महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मूल रूप से गया जिले से जुड़े नीरज कुमार का परिवार डेहरी ऑन सोन में रहता है। उनके पिता शारदा पासवान रेलवे में कार्यरत हैं। नीरज कुमार की पत्नी और एक साल का बेटा इन दिनों उदाकिशुनगंज में रह रहे थे।
इस हृदयविदारक हादसे से बिहार पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। एक साथ तीन थानाध्यक्षों की मौत ने पूरे विभाग को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने दिवंगत अधिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।