1. इंस्टाग्राम पर प्यार, परिवार के खिलाफ जाकर की थी शादी।
2. नवविवाहिता की संदिग्ध मौत पर पति समेत 6 लोगों पर दहेज हत्या का केस।
3. पिता को छह महीने बाद ग्रामीणों से मिली बेटी की मौत की जानकारी।
Instagram पर हुआ प्यार, कोर्ट मैरिज के बाद मौत का रहस्य! 6 महीने बाद पिता को पता चला बेटी अब इस दुनिया में नहीं
मधेपुरा: जिले के आलमनगर नगर पंचायत वार्ड संख्या 11 से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता ने पति, सास-ससुर समेत छह लोगों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए आलमनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, क्योंकि युवती के पिता को अपनी बेटी की मौत की जानकारी करीब छह महीने बाद मिली। जब वे बेटी की ससुराल पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि उसकी मौत काफी पहले ही हो चुकी है।
इंस्टाग्राम पर शुरू हुई थी प्रेम कहानी
खगड़िया जिले के दाननगर वार्ड संख्या 14 निवासी राजनीतिक साहनी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पुत्री कुमकुम कुमारी की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए आलमनगर निवासी दिलरंजन कुमार से हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।
परिवार के विरोध के बावजूद दोनों घर से भाग गए और 24 अप्रैल 2024 को मंदिर में शादी करने के बाद सहरसा में कोर्ट मैरिज कर ली। बाद में बेटी ने व्हाट्सएप पर शादी का शपथ पत्र भेजा। बेटी बालिग होने के कारण परिवार ने उसकी खुशी को स्वीकार कर लिया।
बेटी-दामाद को सम्मान के साथ घर बुलाया गया
पीड़ित पिता ने बताया कि शादी के बाद बेटी और दामाद को घर बुलाया गया। इस दौरान दामाद के माता-पिता और भाई को भी निमंत्रण देकर सम्मानपूर्वक बुलाया गया था।
सामाजिक परंपरा के अनुसार बेटी को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, कपड़े और सोने-चांदी के जेवरात देकर विदा किया गया। कुछ समय तक बेटी और दामाद का मायके आना-जाना भी सामान्य रहा।
बीमारी के बीच बेटी को मायके आने से रोका गया
राजनीतिक साहनी ने बताया कि बाद में उनकी पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गईं। इलाज के दौरान पूरा परिवार परेशानियों से गुजर रहा था।
इसी दौरान कुमकुम अपनी मां से मिलने मायके आना चाहती थी, लेकिन आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग उसे लगातार रोकते रहे और अलग-अलग बहाने बनाकर आने नहीं दिया गया।
1.80 लाख नकद और जेवर लेने का आरोप
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि नौकरी लगवाने का झांसा देकर दामाद और उसके परिवार वालों ने 1.80 लाख रुपये नकद और करीब 2.20 लाख रुपये के जेवरात ले लिए।
इसके बाद आरोपी लगातार बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता था।
दिसंबर 2025 के बाद बंद हो गया संपर्क
राजनीतिक साहनी के अनुसार, 19 दिसंबर 2025 को उनकी बेटी से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनका मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया।
22 अप्रैल 2026 को उनकी पत्नी की कैंसर से मौत हो गई। इसकी सूचना भी उन्होंने बेटी और दामाद को मैसेज के जरिए दी, लेकिन ससुराल पक्ष का कोई सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचा।
ससुराल पहुंचने पर खुला मौत का राज
पीड़ित पिता ने बताया कि 24 मई को जब वे बेटी की ससुराल पहुंचे तो दामाद घर पर नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि उनकी बेटी की मौत करीब छह महीने पहले ही हो चुकी है।
यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जुटाई और आलमनगर थाना पहुंचकर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई।
पति समेत 6 लोगों पर केस दर्ज
पुलिस ने पिता के आवेदन पर पति दिलरंजन कुमार, ससुर किशोर राम, सास ललिता देवी, देवर गुरुदेव कुमार, नील राम और आशुतोष आनंद के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
आलमनगर थानाध्यक्ष कुलवंत कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।