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Friday, May 29, 2026

MADHEPURA: फर्जी B.Ed डिग्री के सहारे सालों तक लेती रहीं वेतन! मधेपुरा की प्रभारी प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप



1. मधेपुरा में प्रभारी प्रिंसिपल पर फर्जी B.Ed डिग्री से नौकरी करने का आरोप।


2. शिकायत के बाद शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, जांच शुरू।


3. डीएम के हस्तक्षेप के बाद विभागीय कार्रवाई तेज हुई।



फर्जी B.Ed डिग्री के सहारे सालों तक लेती रहीं वेतन! मधेपुरा की प्रभारी प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप
Madhhepura News: बिहार के शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के मामलों की लंबी फेहरिस्त के बीच मधेपुरा जिले से एक और बड़ा मामला सामने आया है। जिले के चर्चित बीएल इंटर विद्यालय, मुरलीगंज की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कविता नंदिनी सरकार पर फर्जी B.Ed डिग्री के आधार पर वर्षों तक प्रशिक्षित शिक्षक का वेतन लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और विभागीय जांच तेज कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, कटिहार निवासी मुन्ना कुमार ने शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि कविता नंदिनी सरकार ने आरए बीएड कॉलेज, कुंजौरी आलमनगर से B.Ed की डिग्री प्राप्त की थी, जबकि उक्त संस्थान की मान्यता पहले ही संदिग्ध और अमान्य घोषित की जा चुकी थी। इसके बावजूद उन्होंने प्रशिक्षित शिक्षक का लाभ लेते हुए सरकारी वेतन प्राप्त किया।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई में देरी

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब यह जानकारी सामने आई कि माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक संजीव कुमार ने 5 मार्च 2026 को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर प्रभारी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया था।

हालांकि आरोप है कि संबंधित फाइल लंबे समय तक दबाकर रखी गई और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे विभागीय कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

डीएम के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आया विभाग

जब शिकायतकर्ता को विभागीय स्तर पर कार्रवाई होती नहीं दिखी तो उन्होंने सीधे जिला पदाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। डीएम के हस्तक्षेप के बाद मामला फिर सुर्खियों में आया और शिक्षा विभाग को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।

इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ परपत्र ‘क’ गठित कर विभाग को भेज दिया है। डीईओ ने भी स्वीकार किया है कि फर्जी महाविद्यालय की डिग्री के आधार पर प्रशिक्षित वेतन लेने का आरोप सामने आया है और अब विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कैमरे पर चुप रहीं प्रभारी प्रधानाध्यापिका

मामले को लेकर जब मीडिया ने कविता नंदिनी सरकार से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उनकी चुप्पी के बाद अब पूरे जिले में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है।

लोगों के बीच उठ रहे बड़े सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो क्या शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई करेगा? क्या वर्षों से लिए गए सरकारी वेतन की वसूली होगी? और क्या दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी?

फिलहाल मधेपुरा जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग विभागीय जांच के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।