मधेपुरा नगर परिषद में विकास कार्य ठप, मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग
मधेपुरा:
मधेपुरा नगर परिषद में विकास कार्य पूरी तरह ठप होने और प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर पूर्व पार्षद एवं पूर्व मुख्य पार्षद प्रत्याशी सह भावी मुख्य पार्षद प्रत्याशी ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने लोक शिकायत निवारण कार्यालय, जिला पदाधिकारी मधेपुरा तथा प्रमंडलीय आयुक्त कोशी प्रमंडल सहरसा को आवेदन देकर बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की विभिन्न धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर मौजूद कुमारी विनीता भारती ने कहा कि मधेपुरा नगर परिषद में पिछले कई महीनों से विकास कार्य ठप पड़े हैं और सिर्फ कागजों पर योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के टैक्स के पैसों की लगातार लूट हो रही है और कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार में लिप्त मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगी।
उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से नगर परिषद में न तो सामान्य बोर्ड की बैठक हुई है और न ही सशक्त समिति की बैठक आयोजित की गई है। जबकि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 48(1) के अनुसार प्रत्येक माह कम से कम एक बार सामान्य बोर्ड की बैठक होना अनिवार्य है। इसके बावजूद नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
कुमारी विनीता भारती ने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट भी अब तक पारित नहीं किया गया है, जबकि इसे 15 मार्च तक पारित कर लिया जाना चाहिए था। बजट पारित नहीं होने के कारण शहर में सड़क निर्माण, नाला सफाई, जलजमाव से राहत और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे कई विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 61 और संबंधित नियमों के अनुसार बोर्ड बैठकों की कार्यवाही और अभिलेखों को सुरक्षित रखना तथा 15 दिनों के भीतर जारी करना कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद नगर परिषद की बैठकों की प्रोसीडिंग जानबूझकर छुपाई जा रही है और पार्षदों व आम जनता को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
विनीता भारती ने आरोप लगाया कि मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी की मिलीभगत के कारण नगर परिषद का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह पंगु हो चुका है। उन्होंने कहा कि बिना बोर्ड की स्वीकृति के कई कार्य किए जा रहे हैं, जो नगर परिषद अधिनियम के विरुद्ध है।
अपने आवेदन में उन्होंने मांग की है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 421 के तहत नगर परिषद प्रशासन को तत्काल विशेष बैठक बुलाने और वित्तीय बजट पारित कराने का निर्देश दिया जाए। साथ ही धारा 25(3) के तहत मुख्य पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी कर पदमुक्त करने की कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा कार्यपालक पदाधिकारी पर बैठकों की प्रोसीडिंग छुपाने, वित्तीय अराजकता फैलाने और सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय जांच शुरू कर तत्काल निलंबन की अनुशंसा नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना को भेजने की भी मांग की गई है।
कुमारी विनीता भारती ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री के जनता दरबार, नगर विकास मंत्री और विभागीय मुख्य सचिव से मिलकर भी इस मामले को उठाएंगी।
कोशी लाइव / पप्पू मेहता की रिपोर्ट