गयाजी। जिले की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।अब गयाजी के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से दर्ज की जाएगी।इससे न सिर्फ हाजिरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, बल्कि फर्जी उपस्थिति और लापरवाही पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
3,449 स्कूलों में लागू होगी नई व्यवस्था
जिले में संचालित 3,449 प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 5,21,746 छात्र-छात्राओं और 24,428 शिक्षकों को इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।
इन सभी का डेटा पहले से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे नई व्यवस्था लागू करने में तेजी आई है।
तेजी से हो रहा रजिस्ट्रेशन
समग्र शिक्षा के आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,64,401 विद्यार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 2,57,345 का रजिस्ट्रेशन जारी है।
शिक्षकों में 22,093 का पंजीकरण पूरा हो गया है और शेष 2,335 का काम अंतिम चरण में है। विभाग का लक्ष्य है कि इस माह के अंत तक सभी का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया जाए।
हर स्कूल में मिलेगा टैबलेट
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यालय को दो टैबलेट दिए गए हैं। इन्हीं डिवाइस के जरिए चेहरा पहचान कर उपस्थिति दर्ज होगी।
यह सिस्टम शिक्षा विभाग को रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे स्कूलों की गतिविधियों पर सीधी निगरानी संभव हो सकेगी।
पारदर्शिता और अनुशासन पर फोकस
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद एवं समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी गौरव राज के मुताबिक, अगले महीने से सभी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी।
ग्रामीण स्कूलों में भी डिजिटल क्रांति
इस पहल की खास बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। हालांकि शुरुआती चरण में कुछ तकनीकी चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन विभाग इसके समाधान के लिए तैयारी कर चुका है।
कुल मिलाकर, फेशियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली को गयाजी की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव का बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता और निगरानी दोनों को नई दिशा देगा।