आरा में CO के ड्राइवर की दबंगई: पार्किंग विवाद में युवक पर तानी पिस्टल, आरोपी गिरफ्तार
आरा (भोजपुर) |कोशी लाइव/बिहार क्राइम
बिहार के आरा शहर में एक मामूली पार्किंग विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। नवादा थाना क्षेत्र में हुए इस घटनाक्रम में बड़हरा अंचलाधिकारी (सीओ) अंशु प्रशुन के निजी चालक पर एक युवक पर पिस्टल तानने का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामूली विवाद से बढ़ा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे वाहन खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और इसी दौरान सीओ के निजी चालक ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर राजस्व कर्मी के बेटे पर तान दी।
इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, हथियार बरामद
घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध पिस्टल भी बरामद की गई। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जो राजस्व कर्मी सह अंचल निरीक्षक (सीआई) की पत्नी के बयान पर आधारित है।
सीओ की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि एक सरकारी अधिकारी का निजी चालक अवैध हथियार लेकर कैसे घूम रहा था।
पीड़ित पक्ष ने सीओ अंशु प्रशुन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के समय सीओ की मौजूदगी संदिग्ध थी और पुलिस ने उन्हें थाने से छोड़ दिया, जबकि केवल चालक पर ही कार्रवाई की गई। साथ ही, सीओ पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
एसपी का बयान: हर पहलू की जांच
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि आरोपी चालक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीओ ने साधी चुप्पी, बढ़े सवाल
जब इस मामले में सीओ अंशु प्रशुन से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी चुप्पी ने मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
लोगों में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल
इस घटना के बाद भोजपुर जिले में चर्चा तेज है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासन से जुड़े लोग ही कानून की अनदेखी करेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।