नवादा में शराब माफियाओं का आतंक: थाना के सामने चौकीदार पर चाकू से हमला, इलाज के दौरान मौत
छह महीने पहले मिली थी जान से मारने की धमकी, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
बिहार के नवादा जिले में अपराधियों के बढ़ते हौसले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पकरीबरावां प्रखंड के धमौल थाना के ठीक सामने अपराधियों ने चौकीदार पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चौकीदार की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, धमौल थाना में तैनात चौकीदार जितेंद्र पासवान ड्यूटी खत्म कर सोमवार देर शाम अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान थाना परिसर से कुछ ही दूरी पर पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने उनके पेट में चाकू घोंप दिया और मौके से फरार हो गए।
थाना के सामने मचा हड़कंप
घटना रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना अचानक हुआ कि चौकीदार संभल भी नहीं सके। पेट में चाकू लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पावापुरी बीम्स रेफर कर दिया। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शराब माफियाओं पर लगा हमला कराने का आरोप
घायल चौकीदार की पत्नी ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पति लगातार तुर्कवन गांव में चल रहे अवैध शराब कारोबार की सूचना पुलिस को देते थे। इसी बात से नाराज होकर शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने हमला कराया।
पत्नी ने आरोप लगाया कि तुर्कवन निवासी आनंदी यादव के पुत्र रामपत कुमार और उसके सहयोगियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
छह महीने पहले दी गई थी धमकी
मृतक चौकीदार की पत्नी ने बताया कि करीब छह महीने पहले भी आरोपियों ने उनके पति को जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में धमौल थाना में लिखित शिकायत भी दी गई थी।
परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद आज यह घटना नहीं होती।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए थाना वाहन को भी निशाना बनाया। इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब माफियाओं के भीतर अब पुलिस का डर खत्म हो चुका है। खुलेआम अवैध शराब कारोबार और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
पुलिस ने शुरू की छापेमारी
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।