मुंगेर के RPF जवान धर्मेंद्र कुमार का शव तालाब से बरामद
25 मई से ड्यूटी के दौरान थे लापता
पत्नी ने अपहरण के बाद हत्या का लगाया आरोप
शव नग्न अवस्था में मिला, वर्दी और मोबाइल गायब
परिजनों ने रेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया
मुंगेर: जिले के रहने वाले रेलवे सुरक्षा बल (RPF) जवान धर्मेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। ड्यूटी के दौरान लापता हुए जवान का शव भागलपुर के लैलख ममलखा स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर दूर एक तालाब से बरामद किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अपराधियों ने उनका अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी।
मृतक धर्मेंद्र कुमार (48) मालदा डिवीजन के भागलपुर-साहेबगंज रेलखंड स्थित लैलख ममलखा स्टेशन पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि 25 मई की रात वे स्टेशन पर अकेले ड्यूटी कर रहे थे।
पत्नी से वीडियो कॉल पर हुई थी आखिरी बातचीत
मृतक की पत्नी रानी देवी ने बताया कि 25 मई की रात करीब 8 बजे उनकी अपने पति से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। उस दौरान धर्मेंद्र कुमार ने बताया था कि स्टेशन पर उनकी अकेले ड्यूटी लगाई गई है और वहां उनके अलावा कोई मौजूद नहीं है।
उन्होंने पत्नी से खाना खाकर आराम करने की बात कही और फिर ड्यूटी पर चले गए। इसके बाद 26 मई की सुबह जब पत्नी ने फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। लगातार संपर्क नहीं होने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।
तलाश के बाद तालाब में मिला शव
परिजनों ने रेलवे अधिकारियों और RPF को मामले की जानकारी दी। इसके बाद जवान की तलाश शुरू की गई। परिवार के लोग भी ग्रामीणों के साथ लैलख ममलखा स्टेशन पहुंचे और आसपास खोजबीन की।
27 मई की शाम करीब 5:30 बजे स्टेशन से लगभग 3.5 किलोमीटर दूर रेल पटरी किनारे एक तालाब में शव उपलाता हुआ मिला। शव नग्न अवस्था में था। परिजनों ने चांदी की अंगूठी के आधार पर शव की पहचान की।
वर्दी, मोबाइल और सोने की अंगूठी गायब
परिजनों का आरोप है कि पहचान छिपाने के लिए अपराधियों ने जवान की वर्दी, मोबाइल फोन और सोने की अंगूठी गायब कर दी। शव पर कई जगह चोट और गले पर जख्म के निशान मिले हैं। परिवार का कहना है कि अपहरण के बाद पीट-पीटकर उनकी हत्या की गई।
पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार देर शाम शव को पैतृक गांव महमदा लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शव यात्रा के दौरान लोगों ने “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारे लगाए।
परिवार ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक की भाभी रेखा देवी ने कहा कि परिवार को इंसाफ चाहिए और हत्यारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद विभाग और पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों का कहना है कि स्टेशन मास्टर से लेकर रेलवे अधिकारियों तक किसी ने समय रहते खोजबीन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवार ने ऑन-ड्यूटी कर्मियों और संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
एक सप्ताह में खुलासे की मांग
परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो रेल चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। परिजनों का कहना है कि इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने तक वे शांत नहीं बैठेंगे।