पूर्णिया में स्मैक के नशे ने बेटे को बनाया हैवान, 5 हजार रुपये नहीं मिलने पर पिता को पीटा, घर में लगाई आग
Purnia News: बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद भले ही शराब की खपत पर रोक लगाने की कोशिश हुई हो, लेकिन नशे का स्वरूप तेजी से बदलता नजर आ रहा है. अब बड़ी संख्या में युवा स्मैक और अन्य खतरनाक नशीले पदार्थों की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं. पूर्णिया जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है, जहां स्मैक के नशे में डूबे एक बेटे ने महज 5 हजार रुपये नहीं मिलने पर अपने ही पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी और फिर पूरे घर में आग लगा दी. इस आगजनी में घर में बंधी चार बकरियां जिंदा जल गईं, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति राख हो गई.
टीकापट्टी थाना क्षेत्र के सैरा टोला की घटना
यह सनसनीखेज मामला पूर्णिया जिले के टीकापट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोरियर पश्चिम पंचायत के सैरा टोला वार्ड संख्या 10 का है. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में स्मैक का कारोबार तेजी से फैल रहा है और कई युवा इसकी चपेट में आ चुके हैं.
लंबे समय से स्मैक का आदी था आरोपी युवक
जानकारी के अनुसार आरोपी युवक बिनोद महतो लंबे समय से स्मैक का सेवन करता था. परिजनों का आरोप है कि नशे की लत इतनी बढ़ चुकी थी कि वह आए दिन घर में हंगामा करता था. पहले वह चोरी-छिपे घर का सामान बेच देता था, लेकिन धीरे-धीरे उसका व्यवहार हिंसक होता चला गया.
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन उसने अपने पिता जयप्रकाश महतो से 5 हजार रुपये की मांग की थी. युवक ने पिता से कहा कि किसी से सूद पर पैसा लाकर दे दें, लेकिन पिता ने असमर्थता जताई. इसी बात पर वह बेकाबू हो गया.
पिता को पीटा, फिर पूरे घर में लगा दी आग
आरोप है कि रुपये नहीं मिलने से गुस्साए युवक ने डंडे से अपने पिता की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी. जान बचाने के लिए पिता किसी तरह घर से बाहर भागे. इसके बाद आरोपी ने पूरे घर में आग लगा दी.
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. घर से उठती ऊंची लपटें और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक घर का अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था.
जिंदा जल गईं चार बकरियां
इस आगजनी में घर में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया. घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि घर के पास बंधी चार बकरियां भी आग की चपेट में आ गईं और जिंदा जल गईं. ग्रामीणों ने बताया कि बकरियों की चीख सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं.
पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया. हालांकि, अब तक पिता की ओर से बेटे के खिलाफ कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.
पिता जयप्रकाश महतो का कहना है कि उनका बेटा अपराधी नहीं, बल्कि नशे की लत का शिकार है. उन्होंने कहा कि बेटे को जेल भेजने के बजाय नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जाए, ताकि उसकी जिंदगी बचाई जा सके.
बढ़ते स्मैक कारोबार पर उठे सवाल
इस घटना ने बिहार में तेजी से फैल रहे स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शराबबंदी के बाद गांव-गांव और कस्बों में स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार के बढ़ने की चर्चा लगातार होती रही है.
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बेरोजगारी, गलत संगत और आसान उपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में युवा नशे की दलदल में फंसते जा रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में चल रहे नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर नियंत्रण नहीं किया, तो आने वाले दिनों में ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं, जहां नशे की वजह से बेटे अपने ही मां-बाप के दुश्मन बनते नजर आएंगे।