Kosi Live-कोशी लाइव NEWS DESK:संसद में गूंजा सहरसा कांड: पप्पू यादव ने नाबालिगों के शोषण पर उठाई आवाज, केंद्र से सख्त कार्रवाई की मांग - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Thursday, April 2, 2026

NEWS DESK:संसद में गूंजा सहरसा कांड: पप्पू यादव ने नाबालिगों के शोषण पर उठाई आवाज, केंद्र से सख्त कार्रवाई की मांग

हेडलाइन:

संसद में गूंजा सहरसा कांड: पप्पू यादव ने नाबालिगों के शोषण पर उठाई आवाज, केंद्र से सख्त कार्रवाई की मांग


खबर विस्तार से:

पूर्णिया के सांसद ने गुरुवार को संसद में सहरसा के ईंट भट्ठे में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए कथित अमानवीय व्यवहार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।

ईंट भट्ठा कांड से मचा हड़कंप

यह मामला बिहार के जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे से जुड़ा है। आरोप है कि भट्ठा संचालक ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया द्वारा असम से आए दिहाड़ी मजदूरों की नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म और जबरन रातभर नाच कराने जैसी घिनौनी हरकतें की जा रही थीं।

विरोध करने पर महिला को मारी गोली

घटना के दौरान एक मजदूर की पत्नी ने अपनी बेटी को जबरन ले जाए जाने का विरोध किया, जिस पर आरोपियों ने महिला को गोली मार दी। घायल महिला का इलाज निजी अस्पताल में कराया गया, लेकिन इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी।

पुलिस जांच में खुलासा

गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और ईंट भट्ठे पर पहुंचकर जांच की। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसमें नाबालिग लड़कियों के साथ लगातार शोषण की बात सामने आई।

इस मामले में सहरसा सदर थाना में दो और महिला थाना में एक केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी भट्ठा मालिक और उसके एक मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

संसद में उठी बेटियों की सुरक्षा की मांग

लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए पप्पू यादव ने बिहार में बेटियों के साथ हो रहे लगातार शोषण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने और समेत अन्य जगहों की घटनाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि:

  • बेटियों के लिए अलग छात्रावास की व्यवस्था की जाए
  • आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाए
  • दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी दी जाए

निष्कर्ष:

सहरसा का यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। संसद में उठने के बाद इस पर केंद्र और राज्य सरकारों की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।