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बेगूसराय में निगरानी की कार्रवाई: आपूर्ति पदाधिकारी और दलाल 12 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
खबर विस्तार से:
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बेगूसराय जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी टीम ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और एक डीलर (दलाल) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गुरुवार (02 अप्रैल 2026) को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने कार्रवाई करते हुए शैलेन्द्र कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (मंसूरचक, अतिरिक्त प्रभार भगवानपुर) और विद्या सागर, डीलर (दलाल), समसा पंचायत को 12,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दोनों को मंसूरचक थाना क्षेत्र के लबटोल गांव के पास सड़क किनारे पकड़ा गया।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई
इस मामले का खुलासा भगवानपुर थाना क्षेत्र के तेमाम गांव निवासी पप्पू पासवान की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकान से जुड़े कार्यों के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है।
कमीशन और लाइसेंस नवीकरण के नाम पर वसूली
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों द्वारा उनके PDS दुकान से वितरित अनाज पर प्रति क्विंटल 25 रुपये के हिसाब से चार माह का कमीशन और लाइसेंस नवीकरण के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
निगरानी ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 39/26 (दिनांक 01.04.2026) दर्ज कर डीएसपी रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
रंगे हाथ गिरफ्तारी
योजना के तहत निगरानी टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही शिकायतकर्ता ने 12,000 रुपये की रिश्वत राशि आरोपियों को सौंपी, टीम ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय, भागलपुर में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।
निष्कर्ष:
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे यह साफ संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और रिश्वतखोरी करने वालों पर निगरानी विभाग की कड़ी नजर है।