सुपौल में बस में आग लगने के बाद बवाल, थाने में तोड़फोड़; DM-SP समेत 150 पुलिसकर्मियों ने 45 मिनट में संभाला हालात
सुपौल: जिले के प्रखंड मुख्यालय स्थित बस पड़ाव में बुधवार शाम खड़ी एक बस में आग लगने के बाद बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। आग बुझाने के लिए दमकल वाहन के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज लोगों ने पहले दमकल कर्मियों को खदेड़ दिया, फिर थाने पहुंचकर तोड़फोड़ की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डीएम और एसपी को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। करीब 150 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया।
खड़ी बस में लगी आग, धू-धू कर जली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार शाम बस पड़ाव पर खड़ी BR 31 P 8321 नंबर की बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलने लगा। प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दमकल में देरी से भड़का लोगों का गुस्सा
बस में आग लगते ही स्थानीय लोगों ने थाना को सूचना देकर दमकल वाहन बुलाने की मांग की। लेकिन समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचने से लोगों में आक्रोश बढ़ता गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बाल्टी से पानी और बालू डालकर खुद आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी।
करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया। तब तक सैकड़ों लोग बस पड़ाव पर जमा हो चुके थे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
दमकल पहुंची तो कर्मियों को खदेड़ा
बताया जाता है कि जब काफी देर बाद भीमपुर थाना से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा तो गुस्साए लोगों ने उसे वापस खदेड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख दमकल कर्मी वाहन लेकर लौट गए।
थाने में घुसकर तोड़फोड़
दमकल सेवा में देरी से नाराज भीड़ इसके बाद सीधे थाना पहुंच गई और वहां जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने थाना परिसर के पास खड़ी पुलिस गाड़ी में तोड़फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, यातायात पुलिस के बोर्ड और अन्य सरकारी सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस रही बेबस, फिर DM-SP ने संभाली कमान
घटना के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, लेकिन उग्र भीड़ के सामने शुरुआती दौर में बेबस नजर आया। पुलिसकर्मी लगातार लोगों को समझाने और स्थिति सामान्य करने की कोशिश करते रहे।
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम सावन कुमार और एसपी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। करीब 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद हालात नियंत्रित किए गए।
बड़ा हादसा टला
बस कर्मी मनोज भगत ने बताया कि बस रात करीब आठ बजे पटना के लिए रवाना होने वाली थी। घटना के समय बस के अंदर कोई यात्री या कर्मचारी मौजूद नहीं था। यदि बस में यात्री होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जांच शुरू, दोषियों पर कार्रवाई होगी
छातापुर थानाध्यक्ष ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मामले की जांच की जा रही है और उपद्रव करने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।