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Friday, April 3, 2026

BIHAR:पति की हत्या मामले में बड़ा फैसला: पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद, रील्स विवाद बना हत्या की वजह

बेगूसराय में पति की हत्या मामले में बड़ा फैसला: पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद, रील्स विवाद बना हत्या की वजह

बेगूसराय। जिले के खोदाबंदपुर थाना क्षेत्र के फफौत गांव में पति की हत्या के सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। ग्रेजुएट पत्नी द्वारा अपने अनपढ़ पति की हत्या करने के मामले में मंझौल कोर्ट ने पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

एडीजे संजय कुमार सिंह की अदालत ने दोषी रानी कुमारी उर्फ रानी राज और उसके प्रेमी मो. शहजाद को हत्या और साजिश (धारा 302/34 व 302/120बी) में उम्रकैद के साथ 20-20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर एक-एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


7 जनवरी 2024 को हुई थी वारदात

यह घटना 7 जनवरी 2024 की रात की है। मृतक महेश्वर राय (25) समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के नरहन गांव का रहने वाला था।

मृतक के पिता रामप्रवेश राय ने अपनी बहू रानी कुमारी, उसके प्रेमी, सास और अन्य पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि जांच में रानी की मां और बहनों के खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर पुलिस ने सिर्फ पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।


सोशल मीडिया और अवैध संबंध बना विवाद की जड़

परिजनों के अनुसार, रानी कुमारी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी और इंस्टाग्राम समेत कई प्लेटफॉर्म पर रील्स बनाकर पोस्ट करती थी। उसके करीब 10 हजार फॉलोअर्स भी थे।

पति महेश्वर राय उसकी इस आदत का विरोध करता था, जिससे दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इसके अलावा, रानी के किसी युवक से अवैध संबंध होने की बात भी सामने आई थी, जिसे लेकर भी विवाद होता था।


पत्नी ने प्रेमी को बुलाकर की हत्या

घटना वाली रात महेश्वर अपनी पत्नी के बुलाने पर ससुराल गया था। बताया गया कि खाना खाने के बाद जब वह सो गया, तभी रानी ने अपने प्रेमी मो. शहजाद को बुलाया।

इसके बाद दोनों ने मिलकर दुपट्टे से गला घोंटकर महेश्वर की हत्या कर दी


फोन कॉल से खुला राज

हत्या के करीब आधे घंटे बाद कोलकाता में रह रहे महेश्वर के भाई ने उसे फोन किया। फोन किसी और ने उठाया और पीछे से हंगामे की आवाज सुनाई दी।

इसके बाद परिवार को शक हुआ और जब वे मौके पर पहुंचे तो घर के लोग फरार थे और महेश्वर का शव बाहर पड़ा था। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।


जांच में खुलासा, 7 गवाहों की हुई गवाही

पुलिस जांच में साफ हो गया कि हत्या की साजिश पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी। मामले में डॉक्टर, अनुसंधान पदाधिकारी समेत कुल 7 गवाहों की गवाही कराई गई।

सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने 25 मार्च को दोनों को दोषी करार दिया और अब सजा सुनाई है।


परिजनों को मिला इंसाफ

मृतक के पिता रामप्रवेश राय ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है।

पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस फैसले को मजबूत साक्ष्यों और सुनियोजित जांच का परिणाम बताया है।