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Thursday, April 2, 2026

BIHAR:मुंगेर में 1.70 लाख रिश्वत लेते पेशकार गिरफ्तार, 5 करोड़ की जमीन विवाद से जुड़ा मामला

हेडलाइन:

मुंगेर में 1.70 लाख रिश्वत लेते पेशकार गिरफ्तार, 5 करोड़ की जमीन विवाद से जुड़ा मामला


खबर विस्तार से:

मुंगेर में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के पेशकार मुकेश कुमार को 1 लाख 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को उसके ही कार्यालय से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम उसे मुंगेर सर्किट हाउस ले गई, जहां करीब एक घंटे तक गहन पूछताछ की गई।

इसके बाद आरोपी को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे मुंगेर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जाएगा।

5 करोड़ की सरकारी जमीन से जुड़ा है मामला

निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत बेगूसराय जिले के पचवीर निवासी नंद किशोर प्रसाद सुमन की शिकायत से हुई थी।

शिकायत में बताया गया था कि गांव के पास स्थित करीब 3 कट्ठा 4 धुर सरकारी जमीन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है, को फर्जी कागजात के जरिए कुछ लोग अपने नाम कराने की कोशिश कर रहे थे। इस जमीन को “काजी हाउस” के नाम से दर्ज बताया गया है।

आरोप है कि मोहम्मद जावेद समेत अन्य लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और इसी आधार पर बैंक से ऋण भी हासिल कर लिया।

5 लाख की मांग, पहले ही ले चुका था 3 लाख

शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2025 में इस मामले को लेकर मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में वाद दायर किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान जब फाइल पेशकार मुकेश कुमार के पास पहुंची, तो उन्होंने फाइल आगे बढ़ाने और जांच के लिए भेजने के बदले 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।

बताया जाता है कि दबाव में आकर शिकायतकर्ता पहले ही 3 लाख रुपये दे चुका था। शेष राशि देने से पहले उसने निगरानी विभाग से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।

जाल बिछाकर रंगे हाथ गिरफ्तारी

निगरानी टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को निर्देश दिया कि वह तय रकम में से 1 लाख 70 हजार रुपये आरोपी को दे।

जैसे ही शिकायतकर्ता ने कमिश्नर कार्यालय में आरोपी को रकम सौंपी, पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

जांच जारी

फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


निष्कर्ष:

इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे साफ संकेत गया है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी करने वालों पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।