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मोतिहारी में जहरीली शराब कांड: 5 की मौत, 6 की गई आंखों की रोशनी; SHO सस्पेंड, हत्या का केस दर्ज
खबर:
मोतिहारी। बिहार में शराबबंदी के बावजूद एक बार फिर जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 15 लोग बीमार हैं। इनमें से 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की शुरुआत रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से हुई, जो धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में फैल गई। बीमार लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें कुछ की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
सिलसिलेवार ऐसे हुआ खुलासा
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम अलग-अलग जगहों पर लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। गुरुवार सुबह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के पुलवा घाट निवासी चंदू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बिना सूचना दिए जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बालगंगा निवासी लोहा ठाकुर की तबीयत बिगड़ी और उनकी आंखों की रोशनी प्रभावित होने लगी। इलाज के दौरान उन्होंने शराब पीने की बात बताई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अन्य पीड़ितों की पहचान कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
इसी दौरान प्रमोद यादव और हीरालाल भगत समेत अन्य लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती संपत साह ने भी दम तोड़ दिया।
15 बीमार, कई की हालत गंभीर
इस घटना में लोहा ठाकुर, लड्डू साह, राहुल कुमार, रविंद्र यादव, दिनेश यादव, उमेश राम समेत करीब 15 लोग बीमार हैं। इनमें से 3 की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 6-7 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है।
सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार कई मरीज उल्टी, पेट दर्द, बेचैनी और दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने अपील की है कि जिसने भी शराब पी है और तबीयत बिगड़ी है, वह तुरंत इलाज कराए।
प्रशासनिक कार्रवाई तेज
घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। तुरकौलिया थानाध्यक्ष उमाशंकर मांझी को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि चौकीदार भरत राय को गिरफ्तार किया गया है।
तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाने में मृतकों के परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी नागा राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्ध तस्करों की तलाश में छापेमारी जारी है।
एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें एसडीपीओ, साइबर डीएसपी और डीआईयू टीम को शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
परिजनों का आरोप और दर्द
पीड़ितों और उनके परिजनों ने बताया कि शराब पीने के कुछ देर बाद ही आंखों से धुंधला दिखने लगा, उल्टी और बेचैनी शुरू हो गई। कई लोगों ने रातभर तड़पने के बाद दम तोड़ दिया।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बावजूद लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाती हैं।
क्यों होती है जहरीली शराब से मौत
विशेषज्ञों के अनुसार अवैध शराब में मिलाए गए मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) के कारण यह जहरीली बन जाती है। शरीर में पहुंचने के बाद यह फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है, जो आंखों और दिमाग को सबसे पहले प्रभावित करता है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।
गौरतलब है कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद समय-समय पर जहरीली शराब से मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं।