पटना में बड़ा एक्शन: यूनिवर्सिटी के सहायक कुल सचिव 2.5 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार
🟥 सबहेडलाइन:
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की छापेमारी में रंगेहाथ पकड़े गए अधिकारी, छात्रों के प्रैक्टिकल मार्क्स चढ़ाने के नाम पर हो रही थी वसूली
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📌 पूरी खबर विस्तार से
पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार (28 अप्रैल 2026) को ब्यूरो की टीम ने पटना के मीठापुर स्थित मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में छापेमारी कर सहायक कुल सचिव मो. सनाउल्लाह खान को 2,50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
📍 कैसे हुआ खुलासा?
इस मामले का खुलासा समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के बाधोपुर निवासी रामानन्द महतो की शिकायत पर हुआ। उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि:
समस्तीपुर के KRC-402 और KRC-403 में नामांकित छात्रों का
परीक्षाफल प्रकाशित हो चुका है, लेकिन
प्रैक्टिकल मार्क्स नहीं चढ़ाया गया था
और इसे अपडेट करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी
🔍 सत्यापन में सही पाया गया आरोप
ब्यूरो ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई।
जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे।
इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या-046/26 (दिनांक 17.04.2026) दर्ज कर कार्रवाई की गई।
🚨 ऐसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई
योजना के तहत जाल बिछाया गया
और जैसे ही आरोपी ने 2.5 लाख रुपये रिश्वत ली,
टीम ने उन्हें उनके ही कार्यालय कक्ष से रंगेहाथ पकड़ लिया
⚖️ आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है।
उन्हें जल्द ही विशेष निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा।
मामले में आगे की जांच भी जारी है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच हो सकती है।
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📊 क्या है मामला का असर?
यह कार्रवाई न सिर्फ विश्वविद्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि
👉 छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर पैसे वसूले जा रहे थे।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि
भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।