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सहरसा में पारिवारिक कलह से तंग आकर युवक ने लगाई फांसी: बेटा चाय देने गया तो गमछे से फंदे पर लटके मिले पिता
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बिहार के सहरसा जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के लगमा गांव में पारिवारिक कलह से परेशान एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान धर्मवीर झा (पुत्र रमेश झा) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात धर्मवीर झा ने परिवार के साथ सामान्य रूप से भोजन किया और अपने कमरे में सोने चले गए। गुरुवार सुबह उनका बेटा सत्यम कुमार पिता को चाय देने के लिए कमरे में गया। कमरे का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। उसने देखा कि उसके पिता पलंग के ऊपर गमछे के सहारे फंदे से लटके हुए हैं।
सत्यम की चीख सुनकर घर के अन्य लोग दौड़कर कमरे में पहुंचे। घबराए परिजनों ने तुरंत गमछा खोलकर धर्मवीर झा को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार वालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
परिजनों ने बताया कि धर्मवीर झा का अपनी पत्नी शिल्पी देवी से अक्सर विवाद होता रहता था। करीब नौ महीने पहले आपसी कलह के कारण पत्नी अपने मायके चैनपुर चली गई थीं और तीनों बच्चों को घर पर छोड़ दिया था। पत्नी के जाने के बाद से धर्मवीर झा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे और अवसाद में थे। माना जा रहा है कि इसी तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। मृतक अपने पीछे दो बेटियां, एक बेटा और वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही सोनवर्षा राज थाना प्रभारी संजय कुमार सत्यार्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक जांच टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि पहली नजर में यह पारिवारिक कलह के कारण की गई आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।