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Friday, March 13, 2026

LPG Cylinder New Rule: 25 नहीं अब इतने दिन बाद होगी नए सिलेंडर की बुकिंग, गैस की किल्लत को अफवाह बता रही सरकार ने फिर बदला नियम, 6 दिनों में तीसरी बदलाव

भारत में गैस की कोई कमी नहीं है। देश में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। आपूर्ति में कोई नहीं होगी। आम लोग पैनिक बुकिंग ना करें। ये कहना है केंद्र की मोदी सरकार का। एक ओर सरकार दावा कर रहे है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक है और दूसरी ओर गैस बुकिंग के नियम में भी लगातार बदलाव कर रही है।पिछले 6 दिनों में 3 बार गैस बुकिंग के नियम बदले जा चुके हैं। एक बार फिर बुकिंग नियम बदलते हुए सरकार ने 45 दिनों के बाद नई बुकिंग की व्यवस्था लागू कर दी है।

दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। गैस सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता और अचानक बढ़ी मांग के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सिलेंडर बुकिंग का अलग-अलग अंतराल तय किया गया है। सरकार के नए नियमों के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों में एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा, जबकि शहरी इलाकों में यह अंतराल 25 दिन तय किया गया है। इससे पहले पूरे देश में सिलेंडर बुकिंग के बीच 21 दिनों का अंतर रखा गया था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।

सरकार के अनुसार हाल के दिनों में गैस की कमी की अफवाहों के कारण लोगों ने जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक जो ग्राहक पहले औसतन 55 दिनों में सिलेंडर बुक करते थे, वे अचानक 15-15 दिन के अंतराल पर बुकिंग कराने लगे। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई थी। इसी स्थिति को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम पर दबाव कम करने के लिए बुकिंग के अंतराल को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

दरअसल ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य एशिया के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बढ़ गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है। भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत आयात से पूरी करता है और इसमें से लगभग 90 प्रतिशत गैस इसी रास्ते से आती है। ऐसे में अगर इस मार्ग पर सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार और रसोई गैस पर पड़ सकता है।

हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर सिलेंडर बुक न करें। सरकार के अनुसार घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन करीब 25 से 28 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा भारत ने कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों से भी व्यवस्था कर ली है।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर सप्लाई पर दबाव बढ़ता है तो घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को मिलने वाली एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में कुछ कटौती की गई है। इस कदम का उद्देश्य देश के 33 करोड़ से अधिक घरों तक रसोई गैस की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करना है।

सरकार के अनुसार घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। लोग जरूरत न होने पर भी सिलेंडर स्टॉक करने लगे थे। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ने लगा। इसी कारण सरकार को बुकिंग नियमों में बदलाव करना पड़ा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी करता है। देशभर में लगभग एक लाख पेट्रोल पंप और गैस वितरण केंद्र सक्रिय हैं और फिलहाल कहीं भी स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।