छात्रा का शव हॉस्टल के कमरे से बरामद किया गया। बताया गया कि गुरुवार को प्रियंका क्लास में नहीं गई थी और हॉस्टल में ही थी। जब उसकी रूममेट छात्राएं कमरे पर पहुंचीं, तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर छात्राओं ने हॉस्टल प्रबंधन को सूचना दी। प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को बुलाया। पुलिस की मौजूदगी में कमरे का ताला तोड़कर शव को उतारा गया।
शुरुआती रिपोर्ट में कमरे से एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। मौके पर बिहार पुलिस की टीम ने छात्रा के कमरे से मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस इन सबका निरीक्षण कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने नारायण मेडिकल परिसर में मीडिया के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।
परिसर के मुख्य गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बाहरी लोगों के आने-जाने पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक अनावश्यक भीड़ और अफवाहों से बचना जरूरी है। डेहरी मुफस्सिल थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सासाराम भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग एक माह पहले प्रियंका की सगाई हुई थी। इसके बाद से वह तनाव में बताई जा रही थी। फिलहाल, छात्रा के परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और उनसे पूछताछ की की जा रही है।
रोहतास एसपी रोशन कुमार ने बताया कि छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला है। फिलहाल नोट की हैंडराइटिंग की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले का खुलासा होगा। यह विश्वविद्यालय भाजपा के बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह का है। घटना ने यूनिवर्सिटी में खलबली मचा दी है और प्रशासन व पुलिस पूरी तरह से मामले की जांच में जुटी हुई है।