सुपौल जिले में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर डीएम सावन कुमार का एक्शन मोड ऑन है। सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर आईसीडीएस सुपौल में कार्यरत जिला परियोजना सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है। यह कार्रवाई लंबे समय तक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण की गई है। डीएम ने बुधवार की शाम यह जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आईसीडीएस जिला प्रोग्राम कार्यालय, सुपौल में कार्यरत श्रीमती बेबी कुमारी, जिला परियोजना सहायक (एनएनएम) ने 24 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक पुत्र और मां की देखभाल के लिए अवैतनिक अवकाश का आवेदन दिया था।
अवकाश के लिए नहीं दिया आवेदन
इसके बाद उन्होंने 26 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2025 तक फिर से बच्चे की देखभाल तथा सास के साथ रहने के लिए अवैतनिक अवकाश का आवेदन दिया। कार्यालय के अनुसार 30 अप्रैल 2025 के बाद उनके द्वारा अवकाश के लिए कोई नया आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बावजूद वह लंबे समय तक कार्यालय से अनुपस्थित रहीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रोग्राम कार्यालय की ओर से पत्रांक 661 दिनांक 10 मई 2025, पत्रांक 752 दिनांक 31 मई 2025 तथा पत्रांक 927 दिनांक 28 जून 2025 के माध्यम से उन्हें कार्यालय में योगदान देने और अनधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए अंतिम अवसर दिया गया।
बताया गया कि उक्त सभी पत्रों की तामिला उनके पिता के माध्यम से कराई गई, लेकिन इसके बावजूद श्रीमती बेबी कुमारी की ओर से कार्यालय में कोई जवाब या स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
30 दिन का अवैतनिक अवकाश मिल सकता है
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प (22 जनवरी 2021) के अनुसार संविदा कर्मियों को अधिकतम 30 दिन का अवैतनिक अवकाश ही दिया जा सकता है तथा बिना सूचना के 15 दिन या उससे अधिक अनुपस्थित रहने पर संबंधित पद को रिक्त घोषित किया जा सकता है।
इसी प्रावधान के तहत कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने श्रीमती बेबी कुमारी का नियोजन 24 अक्टूबर 2024 के प्रभाव से रद्द करते हुए उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है। इस संबंध में आदेश जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सुपौल की ओर से जारी किया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के संविदा कर्मियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी कार्य में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।