पटना: बिहार की सियासत ने आज एक नया और ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। 'सुशासन बाबू' के नाम से मशहूर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने जा रहे हैं। लंबे समय तक बिहार की कमान संभालने के बाद अब नीतीश ने केंद्र की राजनीति का रुख किया है। राज्यसभा सदस्य के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उनके साथ एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भी पर्चा दाखिल किया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बिहार विधानसभा में मौजूद रहे।
nitish nomination.
राज्यसभा के लिए नीतीश कुमार ने भरा पर्चा
नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही सबसे लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा। नीतीश कुमार वर्ष 2005 से अब तक रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
बिहार में बीजेपी से कौन होगा सीएम?
पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड जीत दिलाने के बाद नीतीश कुमार के पद छोड़ने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई नेता राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकता है। अगर ऐसा होता है तो बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। हिंदी पट्टी के राज्यों में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अब तक भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं रहा है।
राज्यसभा के लिए 16 मार्च को मतदान
बिहार से राज्यसभा की पांच सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार थी। राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए नीतीश कुमार का संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और नीतीश कुमार के इस फैसले का विरोध किए।
नीतीश के बेटे निशांत बन सकते हैं डिप्टी सीएम
अब इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियरिंग से स्नातक नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। इस बीच मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के फैसले पर उन्हें बधाई दी। सम्राच चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘आपका दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए आपके निरंतर प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। मुझे विश्वास है कि आपके अनुभव और नेतृत्व से राज्यसभा की गरिमा और मजबूत होगी।’
बिहार में पांच सीटों पर राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा चुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब जदयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर, राजद के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के प्रथम वरीयता मत की आवश्यकता होती है। फिलहाल 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजग के पास 202 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 89 और जदयू के 85 विधायक शामिल हैं।
एनडीए की ओर से उपेंद्र कुशवाहा भी मैदान में
भाजपा ने अपने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य नितिन नवीन और प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा पार्टी ने वर्ष 2025 में उच्च सदन में पहुंचे उपेंद्र कुशवाहा को एक और कार्यकाल के लिए समर्थन देने की घोषणा की है। नीतीश कुमार के अलावा जदयू की ओर से रामनाथ ठाकुर उम्मीदवार हैं।