जानकारी के अनुसार, विपुल की मौसी गम्भीडीह गांव में रहती है. विपुल अपनी मौसी के घर अक्सर आता-जाता रहता था. इसी दौरान उसे गूंजा से मोहब्बत हो गई. दोनों ‘नदिया के पार’ फिल्म की तरह अपनी शादी के ताने-बाने बुनने लगे, लेकिन घर परिवार की स्थिति और अलग-अलग जाति होने के कारण उनकी शादी में अड़चन आने लगी. ऐसी स्थिति में साथ जीने और साथ मरने की कसम खाते हुए विपुल अपनी गूंजा को भगा ले गया और दूसरे प्रदेश में रहने लगा.
पुलिस ने किया गिरफ्तार
इसी बीच गूंजा ने एक बच्चे को जन्म भी दिया. सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन विपुल के दिमाग में खुराफात जमा हो गया और वह गूंजा को मायके भेज कर फरार हो गया. इसके बाद उसने न तो गूंजा से बात की और न ही उससे कोई संपर्क रखा. अंत में थक हार कर गूंजा के परिजनों ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई. प्राथमिकी दर्ज होते ही एक्शन में आई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
जमानत पर छूटे युवक की कोर्ट परिसर में शादी
आठ माह के बाद जमानत पर रिहा विपुल की दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने परिवारों के साथ आपसी तालमेल बैठाकर एक पंचायत कराई. इस पंचायत में विपुल ने गूंजा के साथ रहने की हामी भरी. इसके बाद दोनों के परिजनों की सहमति से जमानत पर छूटे विपुल की औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित मंदिर में शादी कराई गई. दोनों हंसी-खुशी एक साथ रहने को तैयार है.
(रिपोर्ट-रुपेश/औरंगाबाद)