Kosi Live-कोशी लाइव Bihar News :प्रखंड प्रमुख का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल, लोगों ने कहा- 'यह कैसी समाज सेवा? - Kosi Live-कोशी लाइव

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Sunday, March 15, 2026

Bihar News :प्रखंड प्रमुख का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल, लोगों ने कहा- 'यह कैसी समाज सेवा?

पुर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में इन दिनों एक तथाकथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वायरल वीडियो जिला मुख्यालय के नजदीकी बंजरिया प्रखंड के प्रमुख का बताया जा रहा है।

इस वीडियो में एक जनप्रतिनिधि को एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से ही चाय की दुकानों से लेकर पान की गुमटियों तक, हर तरफ इसी 'गजब लीला' की चर्चा हो रही है और लोग इसे जनप्रतिनिधियों के नैतिक पतन से जोड़कर देख रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो तेजी से ट्रोल हो रहा है। नेटिजन्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और तंज कसते हुए कह रहे हैं कि "अजब जनप्रतिनिधियों की गजब कहानी"। चूंकि मामला एक रसूखदार पद से जुड़ा है, इसलिए जितनी मुँह उतनी बातें सुनने को मिल रही हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे बंजरिया प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार उर्फ पप्पू यादव से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस पूरे प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बंजरिया प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार उर्फ पप्पू यादव ने इसे अपने खिलाफ एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सार्वजनिक जीवन में आने से पहले कला और अभिनय के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। प्रमुख का कहना है कि उन्होंने पूर्व में 'चंपारण सत्याग्रह' जैसी फिल्मों, कई टेली-फिल्मों और म्यूजिक एल्बम्स में अभिनय किया है। उनके अनुसार, यह वीडियो उन्हीं पुराने फिल्मी दृश्यों का हिस्सा हो सकता है जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

प्रखंड प्रमुख ने एआई (Artificial Intelligence) तकनीक के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके विरोधियों ने तकनीकी छेड़छाड़ (Editing) के जरिए वीडियो को अश्लील रूप दिया है ताकि उनकी सामाजिक छवि को धूमिल किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो उनके प्रमुख बनने से बहुत पहले का है और अब उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और लज्जित करने के उद्देश्य से इसे सुनियोजित तरीके से वायरल किया जा रहा है।

फिलहाल, इस वायरल वीडियो ने जिले की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ जहां विरोधी इसे नैतिकता का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख के समर्थक इसे 'डीपफेक' और 'एडिटिंग' का खेल बता रहे हैं। यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तकनीकी युग में किसी की छवि खराब करने के लिए अपनाए जा रहे हथकंडों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि क्या इस मामले की कोई आधिकारिक जांच होती है या यह राजनीतिक दांव-पेच की भेंट चढ़ जाएगा।