पटना। पटना पुलिस ने शुक्रवार की देर रात 1.661 किलोग्राम स्मैक और 19.5 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया है। जो कच्चा माल बरामद किया गया है उसे पावर, कट पत्थर एवं पाउडर बोलते हैं।यह विभिन्न रूपों में है। इसमें रसायन मिलकर इससे 38 किलोग्राम स्मैक तैयार किया जाना था।
स्मैक तैयार हो जाने के बाद इसे पटना के अलग-अलग इलाकों में खपाने की तैयारी थी। पुलिस ने स्मैक के साथ ही एक पिस्टल, एक कट्टा, दो मैग्जीन, इलेक्ट्रानिक तराजू, 2.15 लाख नकद, 12 मोबाइल, सात बैंकों के चेक, सात पासबुक और नशीली दवा भी जब्त की है।
तस्करी में पुलिसकर्मी का हाथ!
वहां से मिले 19 लाख रुपये के दो चेक पर लिखे नाम का सत्यापन करने पर पुलिस भी दंग रह गई। वह चेक पुलिसकर्मी ऋषिकेश कुमार के नाम के थे, जो पीटीसी (प्रोमोशनल ट्रेनिंग कोर्स) में है। छानबीन में पता चला कि वह मूल रूप से नालंदा का निवासी है, जो पहले गया जिले में तैनात था।
करीब नौ माह पूर्व उसका भागलपुर स्थानांतरण हुआ, लेकिन तब से योगदान नहीं किया है। वह फरार है। पुलिस अब ऋषिकेश को गिरफ्तार करने के लिए छापे मार रही है। वहीं, उसके साथ ही एक-दो अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
स्मैक और कच्चे माल की तस्करी वाराणसी और अन्य जगह से की गई थी। आशंका है कि तस्करी के सिंडिकेट में आरोपित पुलिसकर्मी की भूमिका अहम थी, जो कुरियर या पासिंग में काम कर रहा था। वर्दी की आड़ में उत्तर प्रदेश से बिहार लाने और पटना सिटी व अन्य जगहों पर आपूर्ति कराने में भी उसकी भूमिका हो सकती है।
इन सबकी जांच-पड़ताल की जा रही है। तस्करी कुरियर या छोटे वाहनों से की जा रही थी। अब तक इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
आरोपितों की पहचान समस्तीपुर के अंगार के जितेंद्र कुमार और जहानाबाद के काको निवासी नितीश कुमार के रूप में हुई है।जितेंद्र कुमार को पहले भी आलमगंज थाना क्षेत्र से सात किलोग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में वह 35 माह बेउर जेल में गुजार चुका है।
इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक, हथियार और नकदी की बरामदगी से स्पष्ट है कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इस चेन से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक अपराधियों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है। पुलिस उन सभी की पहचान कर सत्यापन में जुटी है।
बेउर जेल में बंद एक सप्लायर से मिला था इनपुट
जिले में लगातार स्मैक और ब्राउन शुगर की पुड़िया बरामद हो रही थी। पुलिस पता करने में जुटी कि आखिर स्मैक की पुड़िया के लिए खेप कहां से आ रही है और उसे कहां डंप किया जा रहा है?
सूत्रों की मानें तो मादक पदार्थ की तस्करी मामले में बेउर जेल में बंद एक बड़े आपूर्तिकर्ता से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। सूचना का सत्यापन किया गया और शुक्रवार की देर शाम पुलिस की विशेष टीम ने आलमगंज स्थित अपार्टमेंट के एक फ्लैट में छापेमारी की।
कमरा नंबर 401 के अंदर जब पुलिस पहुंची तो वहां से जितेंद्र और नितीश कुमार ने भागने प्रयास किया, लेकिन दबोच लिया गया। वहां से 1.68 किलोग्राम तैयार स्मैक के साथ 2.15 लाख रुपये, सात मोबाइल और बाहर एक ऑटो जब्त किया गया।
खेमनीचक से आटो से आलमगंज पहुंचाया जा रहा था नशीला पदार्थ
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आमलगंज से दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ में पता चला कि उनके पास स्मैक रामकृष्णानगर के खेमनीचक स्थित किराये के मकान से पहुंच रहा था।
पुलिस उन दोनों की निशानदेही पर खेमनीचक स्थित उस मकान में पहुंची, जहां से एक प्लास्टिक के झोले में स्मैक का कट (पत्थर और पाउडर) बरामद किया।
इसका वजन 16 किलोग्राम, पावर जिसका वजन 3.50 किलोग्राम था, तीन इलेक्ट्रानिक तराजू के साथ अन्य सामान बरामद किए गए। इस कमरे में ही कच्चा माल स्टोर किया जाता था।
आलमगंज से पुड़िया बनकर अलग-अलग क्षेत्र में करते थे सप्लाई
खेमनीचक में स्मैक तैयार कर उसे आटो या अन्य वाहन के जरिए पैकेट में रखकर आलमगंज स्थित फ्लैट में भेजा जाता था। वहां से बड़े आपूर्तिकर्ता को पैकेट और चेन से जुड़े छोटे धंधेबाजों को पुड़िया बनाकर इसे बेचा जाता था।
स्मैक की पुड़िया पटना सिटी के अलग-अलग इलाकों में, कमला नेहरू नगर, चीना कोठी, खगौल सहित अन्य जगह भेजे जा रहे थे। इसके लिए वे उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल से 38 किलोग्राम स्मैक तैयार कर रहे थे। सब कुछ चेन के जरिए हो रहा था।
आपूर्ति के लिए देते थे वेतन
छानबीन में ये बातें भी सामने आ रही हैं कि मादक पदार्थ की तस्करी के लिए कुछ लड़कों को कमीशन या वेतन दिया जाता था। उनका काम अलग-अलग क्षेत्रों में पुड़िया पहुंचाने से लेकर रकम को सही जगह पहुंचाना था।
स्मैक की मांग मोबाइल पर कोड में की जाती थी। इसके लिए कई मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा था। अलग-अलग क्षेत्रों में जिनके पास पुड़िया पहुंचाई जा रही है, वह सामने वाले की पहचान उजागर न कर सके, इसके लिए अगली खेप पहुंचाने के लिए नए लड़के को भेजा जाता था।
खगौल से बरामद हुआ था स्मैक, हेरोइन भी
इससे पहले खगौल थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव से भी 2.26 किलोग्राम हेरोइन और 2.82 किलोग्राम स्मैक बरामद किया गया था। कल्लू पासवान को गिरफ्तार किया गया था। अब उसके बेटे बिट्टू की तलाश की जा रही है।
ड्रग्स तस्करी के लिए बनाई गई चेन में शामिल 12 लोगों का नाम उजागर हुआ है। वे सिलीगुड़ी से ट्रेन से ड्रग्स पटना मंगाते थे। तस्करी से जुड़ी चेन की कमान बिट्टू के पास थी, जो इस गैंग का मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा है।
जिस पुलिसकर्मी का नाम सामने आ रहा है, उसकी भूमिका की जांच जारी है। उसने जांच में भी सहयोग नहीं किया है। बरामद मादक पदार्थ की खेप से स्पष्ट है कि इसमें कई और की संलिप्तता है। उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। -कार्तिकेय के शर्मा, एसएसपी, पटना