अवैध वसूली, लापरवाही और दलालों से मरीज लाने का आरोप; सीएस के नेतृत्व में कार्रवाई
मधेपुरा | 4 घंटे पहले
मधेपुरा के कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इलाज के नाम पर अवैध वसूली, बदसलूकी, लापरवाही और दलालों के जरिए मरीज लाने के गंभीर आरोपों के बाद शुक्रवार को सिविल सर्जन (सीएस) विजय कुमार के नेतृत्व में अस्पताल को सील कर दिया गया। अब अस्पताल के सभी कागजातों की जांच की जाएगी।
9 हजार लेने के बाद 50 हजार रुपये की डिमांड
ग्वालपाड़ा प्रखंड के अरार घाट डेफरा वार्ड संख्या-9 निवासी प्रकाश मंडल की पत्नी मीरा कुमारी ने प्रसव के बाद अपने नवजात को सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पहले 9 हजार रुपये लिए, इसके बाद इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। रुपये नहीं देने पर परिजनों को नवजात के पास जाने से भी रोक दिया गया।
इसी दौरान इलाज में लापरवाही और देरी के कारण नवजात की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को नवजात की मौत की जानकारी तक नहीं दी।
जबरन अंदर गए तो मृत पड़ा था बच्चा
परिजनों ने बताया कि शाम में जब वे जबरन नवजात के पास पहुंचे तो देखा कि बच्चा मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें अस्पताल से बाहर निकाल दिया। पूरी रात प्रसूता महिला और उसके परिजन मृत नवजात के साथ ठंड में अस्पताल के बाहर बैठे रहे।
3 फरवरी को दलालों ने रास्ते में रोकी एंबुलेंस
पीड़िता का आरोप है कि 3 फरवरी को ग्वालपाड़ा पीएचसी से रेफर होने के बाद मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में कार सवार दो दलालों ने एंबुलेंस रोक ली। उन्होंने सदर अस्पताल में बेड नहीं होने की बात कहकर जबरन कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
यहां नवजात को एसएनसीयू में रखने के नाम पर पहले 5 हजार और फिर 4 हजार रुपये की जबरन वसूली की गई। इसके बाद 50 हजार रुपये और मांगे जाने लगे।
ब्लड चढ़ाने के नाम पर 15–17 हजार रुपये वसूली का आरोप
परिजनों और अन्य मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में ब्लड चढ़ाने के नाम पर 15 से 17 हजार रुपये तक लिए जाते हैं। दलालों के जरिए मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल में लाया जाता है।
मीडिया रिपोर्ट के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
शुक्रवार को परिजनों ने डीएम, सिविल सर्जन और संबंधित थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। मीडिया में खबर आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। जांच के बाद सिविल सर्जन विजय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को सील कर दिया।
सीएस बोले—अवैध नर्सिंग होम पर होगी सख्त कार्रवाई
सिविल सर्जन विजय कुमार ने कहा कि जिले में संचालित अवैध निजी नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अस्पताल को सील करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।