मधेपुरा में चार साल पुराने दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने एक वृद्ध को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से संबंधित है। घटना 11 फरवरी 2023 की शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, जब पीड़िता अपनी छोटी बहन और अन्य बच्चों के साथ गांव के मिडिल स्कूल के पास खेल रही थी।
बहला-फुसलाकर बच्ची के साथ किया था दुष्कर्म
इसी दौरान गांव का 60 वर्षीय दिनेश यादव उर्फ दीनाभद्री यादव वहां पहुंचा। आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर स्कूल के पीछे एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची स्कूल के पीछे बेसुध और गंभीर हालत में मिली।
10 रुपये देकर चुप रहने और न बताने का दिया था लालच
होश में आने पर बच्ची ने अपनी मां को बताया कि दीनाभद्री बाबा ने उसके साथ गलत काम किया था। आरोपी ने अपनी करतूत छिपाने के लिए बच्ची को 10 रुपये देकर चुप रहने और किसी को न बताने का लालच भी दिया था। घटना के बाद बच्ची बेहोश हो गई थी। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और बच्ची का इलाज कराया, जिसके बाद मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
ठोस गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर सजा
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद एडीजे-6 अमित कुमार पांडेय की अदालत ने दिनेश यादव को दोषी करार दिया।
स्पेशल पीपी विजय कुमार मेहता ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराध समाज के लिए कलंक हैं और इनमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।