दरअसल, मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना के तहत मार्च महीने में एक बार फिर महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता की राशि ट्रांसफर की जाएगी। जानकारी के अनुसार 15 मार्च के बाद राज्य की करीब 18 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक इस बार शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर चुकी महिलाओं के दस्तावेज और पात्रता की जांच तेज कर दी गई है। सत्यापन की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग को सौंपी गई है। विभाग को निर्देश दिया गया है कि 15 मार्च तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि इसके बाद भुगतान शुरू किया जा सके।
बताया जा रहा है कि योजना के तहत 10-15 महिलाओं का एक समूह बनाया जाएगा, जिन्हें जीविका से जोड़ा जाएगा। समूह गठन के बाद ही महिलाओं को आधिकारिक सदस्य माना जाएगा और इसके बाद उनके खातों में वित्तीय सहायता भेजी जाएगी। सरकार का मानना है कि समूह आधारित मॉडल से महिलाएं सामूहिक रूप से स्वरोजगार गतिविधियों में बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगी और आय में स्थायी वृद्धि होगी।
सूत्रों का दावा है कि चरणबद्ध तरीके से राशि ट्रांसफर की जाएगी। शुरुआती दौर में कुछ लाभार्थियों को भुगतान किया जाएगा, जबकि पूर्ण सत्यापन के बाद सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और शहरी गरीब परिवारों की आय बढ़ाना है। इससे पहले भी बिहार सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला चुकी है। अब सभी की नजर 15 मार्च के बाद होने वाली आधिकारिक घोषणा और राशि वितरण की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।