पशुपतिनाथ से बैद्यनाथ धाम तक हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा, नेपाल के पूर्व मंत्री ने बिहार सरकार को दी बधाई
पटना। भारत-नेपाल के बीच धार्मिक और सीमा पार कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली बड़ी पहल के तहत ने से (देवघर) तक हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे/कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इस प्रस्तावित परियोजना से करीब 534 किमी की मौजूदा दूरी घटकर लगभग 250 किमी रह जाने और 13–14 घंटे की यात्रा घटकर करीब 3 घंटे में पूरी होने की उम्मीद जताई गई है।
मधेश (नेपाल) सरकार के पूर्व खेलकूद एवं समाज कल्याण मंत्री ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल और मुख्यमंत्री को बधाई दी। यह जानकारी वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा ने वार्ता के बाद मीडिया को दी।
विधानसभा में दी जानकारी, प्रस्ताव केंद्र को भेजा
डॉ दिलीप जायसवाल ने बताया कि बिहार विधान सभा में इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की जानकारी दी जा चुकी है। राज्य सरकार ने प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 8,260 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें इस कॉरिडोर को प्रमुख योजना माना जा रहा है।
भीमनगर-बीरपुर मार्ग से होगा प्रवेश
प्रस्तावित मार्ग नेपाल से शुरू होकर भीमनगर और बीरपुर के रास्ते भारत में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से होते हुए झारखंड के देवघर तक जाएगा। परियोजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत-नेपाल के सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे बनने से समय और ईंधन की बचत होगी तथा बिहार, झारखंड और नेपाल के बीच व्यापार, परिवहन, पर्यटन और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। भारत-नेपाल सीमा के साथ 554 किलोमीटर सड़कें पहले ही बन चुकी हैं; नया कॉरिडोर सीमा पार बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करेगा।
केंद्र से शीघ्र स्वीकृति मिलने पर इस परियोजना को लगभग पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।