हेडलाइन:
जमीन विवाद खत्म करने को ‘भू योद्धा’ सम्मान योजना, अवैध कब्जे पर सख्त कार्रवाई का ऐलान
पटना: बिहार में दशकों से चले आ रहे पेचीदा जमीन विवादों को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने ‘भू योद्धा’ सम्मान योजना की घोषणा की है। इस मुहिम के तहत वे लोग सम्मानित किए जाएंगे, जो अपनी या अपने पूर्वजों की जमीन से जुड़े पुराने और लुप्त दस्तावेज—जैसे खतियान, रसीद और रजिस्ट्री पत्र—खोजकर सामने लाएंगे।
सरकार का मानना है कि जमीन के असली दस्तावेज ही विवादों के स्थायी समाधान की कुंजी हैं। इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और भूमि अभिलेखों को पारदर्शी तरीके से दुरुस्त करना है। विधानसभा में भू-अभिलेखों से जुड़ा मुद्दा उठने के बाद इस योजना की घोषणा की गई।
इधर, किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड में बंदोबस्ती भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला भी चर्चा में रहा। ठाकुरगंज के विधायक ने आरोप लगाया कि भूदान और लाल कार्ड के तहत दलित, आदिवासी और गरीब सूरजापुरी मुस्लिम परिवारों को दी गई करीब 90% जमीन पर बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने जमीन का भौतिक सत्यापन कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की।
हालांकि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि किशनगंज कलेक्टर की रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद से आए लोगों द्वारा कब्जे की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि बंदोबस्ती जमीन के अवैध हस्तांतरण या खरीद-बिक्री के मामले सामने आते हैं, तो संबंधित जमाबंदी रद्द कर जमीन को पुनः सरकारी अधिकार में लिया जाएगा।
इसके अलावा नगर विकास विभाग में अब सभी विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही कराने का निर्णय लिया गया है। विभागीय स्तर पर सीधे कार्य नहीं होंगे। एक करोड़ रुपये की योजनाओं को छोटे हिस्सों में बांटकर अनियमितता के आरोपों पर उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।