गयाजी: एक्जामिनेशन सेंटर के बाहर जब एक सजी-धजी कार रुकी तो सिक्योरिटी में तैनात एक पुलिस वाला गाड़ी के पास गया। एडमिट कार्ड देखते ही वो सारा माजरा समझ गया। उसने कार का गेट खोलकर बड़े ही सलीके दुल्हन को बाहर निकलने दिया। गेट पर तैनात दूसरे पुलिसवालों को इशारा कर दिया। दुल्हन को देखने के लिए परीक्षार्थी लड़के-लड़कियों की भीड़ लग गई। उनके चेहरे पर मुस्कुराहट छा गई। दुल्हन की लिबास में लड़की को पैदल चलने में परेशानी हो रही थी तो उसकी मां ने हाथ थाम लिया। फिर सधे कदमों से उसे परीक्षा केंद्र के गेट तक पहुंचाया। फिर मंडप से सीधे दुल्हन एग्जामीनेशन हॉल में दाखिल हुई। जब तक दुल्हन का परीक्षा खत्म नहीं हुआ, दूल्हा कार में बैठे इंतजार करता रहा।
Bride exam
शादी के जोड़े में परीक्षा देने पहुंची दुल्हन
शादी के जोड़े में परीक्षा देने आई दुल्हन
गया जिले के शेरघाटी में मैट्रिक का परीक्षा देने एक दुल्हन आई। दुल्हन अपनी शादी की रस्में पूरी करने के तुरंत बाद, विदाई के जोड़े में ही मैट्रिक की परीक्षा देने S.M.S.G. College पहुंच गई। मांग में सिंदूर, हाथों में मेहंदी और गहनों से लदी दुल्हन को परीक्षा केंद्र पर देख वहां मौजूद परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान दुल्हन के पति ने भी पूरा सहयोग किया और परीक्षा खत्म होने तक केंद्र के बाहर ही डटा रहा।
ससुराल के बजाय एग्जाम सेंटर पहुंची दुल्हन
बताया जा रहा है कि शेरघाटी की रहने वाली इस छात्रा की शादी 20 फरवरी की रात संपन्न हुई थी। परंपरा के अनुसार, 21 फरवरी की सुबह उसकी विदाई होनी थी और ससुराल में कई रस्में निभाई जानी थीं। लेकिन छात्रा के लिए मैट्रिक की विज्ञान विषय की परीक्षा देना जरूरी था। उसने अपने ससुराल वालों और पति को मनाया और विदाई के तुरंत बाद सुबह 8 बजे सीधे परीक्षा केंद्र पहुंचने का फैसला किया।
दुल्हन के लिबास में पहुंची छात्रा
जब दुल्हन की फूलों से सजी कार कॉलेज के मेनगेट पर रुकी, तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। लाल जोड़े में सजी-धजी दुल्हन को कार से उतरकर परीक्षा हॉल की ओर जाते देख लोग वीडियो बनाने लगे। स्थिति ऐसी बनी कि कौतूहलवश जुटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
परीक्षा हॉल में दुल्हन , इंतजार करता रहा दूल्हा
नए-नवेले दूल्हे ने भी पूरा सहयोग किया। जब छात्रा अंदर परीक्षा हॉल में अपना पेपर लिख रही थी, तब उसका पति बाहर कार में बैठकर करीब तीन घंटे तक सब्र के साथ इंतजार करता रहा। परीक्षा समाप्त होने के बाद ही ये जोड़ा ससुराल के लिए रवाना हुआ। परीक्षा केंद्र पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी छात्रा के जज्बे का सम्मान किया और उसे समय पर हॉल तक पहुंचाने में संवेदनशीलता दिखाई।