पूर्णिया में हवलदार की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। हवलदार का शव थाना परिसर में बने गार्ड क्वार्टर में खून से लथपथ मिला। हवलदार के गले में बुलेट के आर पार होने के निशान हैं। मौके से हवलदार की कार्बाइन और खोखा भी बरामद हुआ है।
घटना सुबह करीब 10 बजे की है। मृतक हवलदार की पहचान गया के रहने वाले आलमनाथ भूइयां के रूप में हुई है। मौके पर FSL और डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची है। मामले की जांच चल रही है।
रोजाना की तरह पुलिस कैंटीन का स्टाफ हवलदार के लिए नाश्ता लेकर उनके कमरे पर पहुंचा था। कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर झांकते ही उसने देखा कि हवलदार जमीन पर पड़े हैं और चारों ओर खून फैला हुआ है। इस पर उसके शोर मचाते ही पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही अमौर थानाध्यक्ष और फिर बायसी डीएसपी जितेंद्र कुमार पांडे थाना परिसर पहुंचे।
घटना अमौर थाना के गार्ड क्वार्टर की है। - Dainik Bhaskar
घटना अमौर थाना के गार्ड क्वार्टर की है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हवलदार ने सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और तब तक कोई परेशानी नजर नहीं आ रही थी। इसके दो घंटे के अंदर ही ये घटना घटी। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या का मामला है या किसी ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने हवलदार के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिवार के लोग गया से पूर्णिया के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है और कुछ भी बोलने से बच रही है।
बायसी डीएसपी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि प्रथम दृष्टया में ये मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। मृतक हवलदार झारखंड के चाईबासा जिले के रहने वाले हैं। बीते 6 से 7 महीने से अमौर थाना में कार्यरत थे।
सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच चल रही है। परिवार वालों को घटना की सूचना दी गई है। इसके बाद ही कुछ भी कहा जा सकेगा।