डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि समाज के विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए बच्चियों का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का मानना है कि महिलाओं को स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और आवाशीय स्थल पर सुरक्षित माहौल मिले। महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार में कोई बाधा नहीं आए इसके लिए गृह विभाग ने आवश्यक निर्देश जारी किया है।
गर्ल्स हॉस्टल और पीजी के नए नियम-
- हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
- हर थाने में मौजूद सभी हॉस्टलों का पूरा ब्योरा रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जानकारी मिल सके। इसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को दी गई है।
- सभी हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी जरूरी होगी। इसके अलावा वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी सहित सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है।
- सुरक्षा के लिए हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, खाने के स्थान और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रहेगी।
- हॉस्टल में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था, मजबूत दरवाजे और ताले तथा खिड़कियों में लोहे की जाली जरूरी होगी।
- हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर विजिटर रजिस्टर में आधार नंबर के साथ दर्ज किया जाएगा।
- कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाए।
- आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्टल में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 नंबर की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे।
- छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स के बारे में भी बताया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टल की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की होगी। उन्होंने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)