पटना। उपमुख्यमंत्री सह भूमि एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने विधान परिषद में बुधवार को कहा कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
वह संजीव कुमार सिंह के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे, जिसमें सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण पर चिंता जताई गई थी।
इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध सरकार गंभीर है। सभी जिलों को अतिक्रमणवाद दायर करने के लिए आइडी-पासवर्ड उपलब्ध करा दिया गया है। अभी तक अतिक्रमण से जुड़े 4130 मामलों का निष्पादन भी हो चुका है। फिलहाल विशेष कानून का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
वहीं, नीरज कुमार के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य में बकाश्त भूमि से जुड़े मामले के निष्पादन के लिए कमेटी का गठन किया गया है, जिसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा। यह बहुत संवेदनशील विषय है। इस पर बिना समझे कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि बकाश्त भूमि को जब तक रैयती भूमि का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक व्यावसायिक निर्माण के लिए संपरिवर्तन संभव नहीं है। शहरी क्षेत्र की बकाश्त भूमि का संपरिवर्तन लागू नहीं है।
शहरी निकायों में सफाई सामग्रियों की एक कीमत तय होगी : विजय सिन्हा
दूसरी ओर, विधान परिषद में नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के सभी शहरी निकायों में साफ-सफाई से जुड़े सामान की कीमतों में एकरूपता लाई जाएगी। पूरे राज्य के लिए एक तरह का नीतिगत फैसला होगा। ऐसा नहीं होगा कि किसी निकाय में डस्टबिन की कीमत कुछ है और दूसरे में कुछ।
सौरभ कुमार एवं तरुण कुमार ने कहा कि अलग-अलग निकायों में सफाई कार्य की अलग-अलग कीमतें हैं, जबकि वार्ड की संख्या एकसमान है। इस पर मंत्री ने कहा कि सदस्यों को सफाई के नाम पर गड़बड़ी की आशंका नजर आ रही है, तो इसकी पहले से जांच की जा रही है। मंत्री अशोक चौधरी ने भी सरकार को सुझाव दिया कि नई नीति लाकर खर्च में एकरूपता लाई जाए।