पटना। बिहार में आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार को लेकर बड़ी घोषणा की गई है। विधान परिषद में समाज कल्याण मंत्री Madan Sahni ने 18 हजार नए केंद्र खोलने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह कदम बच्चों और माताओं के पोषण स्तर को मजबूत करेगा।
सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद क्षेत्र तक आंगनबाड़ी सुविधा पहुंचाना है। मंत्री ने कहा कि कई इलाकों में अभी भी केंद्रों की कमी है। नए केंद्र खुलने से इस कमी को दूर करने की कोशिश होगी।
केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
मदन सहनी ने बताया कि नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना को प्राथमिकता दे रही है। संबंधित विभागों को भी प्रारंभिक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृति के बाद चरणबद्ध तरीके से केंद्र खोले जाएंगे।
बच्चों और माताओं को मिलेगा लाभ
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण आहार और प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है। गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं मिलती हैं।
नए केंद्र खुलने से दूरदराज के क्षेत्रों को सीधा फायदा होगा। सरकार का मानना है कि इससे कुपोषण की समस्या में कमी आएगी।
साथ ही बाल विकास योजनाओं का दायरा भी बढ़ेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
आधारभूत संरचना पर जोर
मंत्री ने कहा कि नए केंद्रों के लिए भवन और संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। जहां संभव होगा, वहां नए भवन बनाए जाएंगे। अन्य स्थानों पर किराए के भवनों में केंद्र संचालित किए जा सकते हैं।
साथ ही सेविकाओं और सहायिकाओं की नियुक्ति भी की जाएगी। प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई। सरकार गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहती।
सामाजिक विकास की दिशा में कदम
राज्य सरकार का दावा है कि यह पहल सामाजिक विकास को गति देगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से केंद्र खोले जाएंगे। विपक्ष ने भी इस घोषणा का स्वागत किया है, हालांकि समयबद्ध क्रियान्वयन की मांग की है।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्वीकृति मिलते ही तेजी से काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले महीनों में इस योजना की प्रगति पर नजर रहेगी।