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नेपाल से भटक कर शंकरपुर पहुंचा बारहसिंगा हिरण, ग्रामीणों ने सुरक्षित पकड़कर पुलिस व वन विभाग को सौंपा
पूरी खबर:
शंकरपुर (मधेपुरा) में सोमवार को नेपाल के जंगल से भटक कर पहुंचे एक बारहसिंगा हिरण को ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए सुरक्षित पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। यह घटना शंकरपुर थाना क्षेत्र के मधैली बाजार स्थित सुरसर नदी की उपधारा किनारे अवस्थित एक आम के बगीचे की है।
बताया गया कि सुबह से ही आवारा कुत्तों के हमले और लगातार भौंकने से घबराया हिरण जान बचाकर इधर-उधर भाग रहा था। जब ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो देखते ही देखते इसकी खबर पूरे इलाके में फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने घेराबंदी कर काफी मशक्कत के बाद हिरण को सुरक्षित पकड़ लिया और वार्ड नंबर 14 निवासी गजेन्द्र मल्लिक की देखरेख में रखा।
घटना की सूचना तत्काल शंकरपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हिरण को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षा के लिए थाना लाया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई, जिस पर वन विभाग के कर्मी शंकरपुर पहुंचे और हिरण को अपने साथ ले गए।
वन विभाग की ओर से हिरण का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इस संबंध में रेंजर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि हिरण पूरी तरह स्वस्थ है और उसके शरीर पर किसी तरह के जख्म या चोट के निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि वन प्रमंडल पदाधिकारी सहरसा को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। अधिकारियों के निर्देश पर हिरण को सुपौल जिले के समीपवर्ती जंगल, बलुआही जमीन वाले क्षेत्र या फिर रानीगंज उद्यान में छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वह स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में विचरण कर सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इस इलाके में हिरण के पहुंचने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पूर्व में ग्रामीणों ने हिरण को कई दिनों तक घर में पकड़कर रखा था, बाद में पुलिस की सूचना पर उसे वन विभाग के हवाले किया गया था। यह इलाका जंगल से सटा होने के कारण हिरण, खरगोश समेत अन्य वन्य जीवों का गांव में प्रवेश हो जाता है। कई बार कुछ जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं भी हुई हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत और परेशानी बनी रहती है।