Kosi Live-कोशी लाइव MADHEPURA:छात्रावास से लापता हुआ आठवीं का छात्र, 3 दिन बाद भी सुराग नहीं; परिजनों में दहशत - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Monday, January 26, 2026

MADHEPURA:छात्रावास से लापता हुआ आठवीं का छात्र, 3 दिन बाद भी सुराग नहीं; परिजनों में दहशत

हेडलाइन:
छात्रावास से लापता हुआ आठवीं का छात्र, 3 दिन बाद भी सुराग नहीं; परिजनों में दहशत

मधेपुरा:
मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाला आठवीं कक्षा का छात्र रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुरलीगंज थाना क्षेत्र के दिनापट्टी वार्ड संख्या-05 निवासी अंकेश कुमार, पिता जयकृष्ण यादव ने बताया कि उनका भतीजा निशु कुमार (पिता  बिपिन कुमार विमल) मंदिर रोड, मधेपुरा वार्ड संख्या-02 स्थित एक विद्यालय के छात्रावास में रहकर पिछले तीन वर्षों से पढ़ाई कर रहा था और वर्तमान में कक्षा आठ में अध्ययनरत है।

परिजनों के अनुसार 22 जनवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे अंकेश कुमार अपने भतीजे से मिलने विद्यालय पहुंचे थे। उस समय विद्यालय स्टाफ को सूचना देकर वे घर लौट आए, क्योंकि बच्चा विद्यालय परिसर में ही मूर्ति सजाने का कार्य कर रहा था।

अगले दिन 23 जनवरी 2026 को दिन के करीब 11 बजे विद्यालय प्रधानाचार्य ने अंकेश कुमार को फोन कर बताया कि बच्चा घर पहुंच गया है। इस पर अंकेश कुमार ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि बच्चा अकेले घर कैसे पहुंच सकता है। इसके बाद वे दोपहर करीब 2 बजे विद्यालय पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

परिजनों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि बच्चा जल्द ही घर पहुंच जाएगा और घबराने की जरूरत नहीं है। 24 जनवरी 2026 को पुनः विद्यालय जाने पर भी उन्हें मामला दर्ज नहीं कराने की सलाह दी गई और कहा गया कि सरस्वती पूजा के कारण बच्चा कहीं आसपास होगा और मिल जाएगा।

हालांकि 25 जनवरी 2026 की शाम करीब 6 बजे तक भी बच्चे का कोई पता नहीं चल सका है। इससे परिजन काफी चिंतित हैं और विद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस से बच्चे की जल्द से जल्द बरामदगी की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से पहले छात्र को सुरक्षित वापस लाया जा सके।