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Saturday, December 13, 2025

BIHAR:नीतीश सरकार का प्रशासनिक रीसेट, 35 आईएएस के एक साथ तबादले से अफसरशाही में बड़ा संदेश

हेडलाइन :
नीतीश सरकार का प्रशासनिक रीसेट, 35 आईएएस के एक साथ तबादले से अफसरशाही में बड़ा संदेश

पूरी खबर :
पटना। बिहार में सत्ता की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासनिक तंत्र में बड़ा झटका दिया है। सरकार गठन के कुछ ही दिनों के भीतर आईएएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों ने यह साफ कर दिया है कि अब शासन पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा।

शुक्रवार को 35 आईएएस अधिकारियों के एक साथ तबादले किए गए। इसके साथ ही अब तक कुल 51 अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग हो चुकी है। इससे पहले 8 दिसंबर को भी बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया था। इसे महज रूटीन तबादला प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता के पावर सेंटर में सुनियोजित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब प्रशासन में परफॉर्मेंस, भरोसा और डिलीवरी ही कसौटी होगी। जिन अधिकारियों पर सरकार का भरोसा है, उन्हें अहम विभागों और संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका में बदलाव किया गया है।

प्राथमिकताओं का नया खाका
तबादलों की सूची से सरकार की प्राथमिकताएं साफ झलकती हैं। सामाजिक न्याय के एजेंडे को मजबूत करने के लिए के. सेंथिल कुमार को अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी सुधारों को गति देने के लिए अभय कुमार सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव बनाया गया है।

अभय कुमार सिंह को बेल्ट्रॉन और पटना मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि यह फैसला ई-गवर्नेंस, स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

राजस्व और विकास विभागों में बदलाव
खनन और ग्रामीण विकास जैसे संवेदनशील और राजस्व से जुड़े क्षेत्रों में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। दिवेश सेहरा को खान एवं भू-तत्व विभाग का सचिव बनाया गया है और उन्हें बिहार राज्य खनिज निगम व खनिज विकास निगम की जिम्मेदारी भी दी गई है।
वहीं मयंक वरवड़े को योजना एवं विकास विभाग में भेजकर सरकार ने विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को सख्त करने का संकेत दिया है।

शहर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
नगर विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार का फोकस संदीप कुमार आर. पुडकलकुट्टी की तैनाती से भी स्पष्ट होता है। उन्हें नगर विकास सचिव के साथ पटना मेट्रो का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे शहरी परियोजनाओं और मेट्रो निर्माण कार्य को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

जिलों में भी बदली कमान
सिर्फ सचिवालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि जिलों में भी प्रशासनिक टीम बदली गई है। सीमावर्ती और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील जिलों में युवा और अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है।
डॉ. विद्यानंद सिंह, सुहर्ष भगत, अमन समीर, तुषार सिंगला, प्रियंका रानी और निहारिका छवि जैसे चर्चित प्रशासनिक चेहरों को अहम जिलों की जिम्मेदारी देकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जमीनी प्रशासन में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

कुल मिलाकर, यह प्रशासनिक फेरबदल नीतीश सरकार के इरादों का खुला ऐलान है। विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन—तीनों मोर्चों पर सरकार ने अफसरशाही को नई दिशा देने की कोशिश की है। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि यह प्रशासनिक रीसेट कागजों से निकलकर जमीन पर कितना असर दिखाता है।