अररिया जिले के रानीगंज में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 10000 रुपये नहीं मिलने से सैकड़ों जीविका दीदियां गुरुवार को सड़क पर उतर गईं। भोरहा पंचायत के ठेकपुरा गांव की सैकड़ो जीविका दीदियों ने नीतीश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन करने वालीं महिलाओं का आरोप है कि वे बीते 10-15 सालों से जीविका योजना का काम कर रही हैं। इसके बावजूद उनके खाते में अभी तक 10 हजार रुपये नहीं आए।
जीविका दीदी अलखी देवी, शोभा देवी, लखी देवी, गुड़िया देवी, ललिया देवी, सोनी देवी, मोनी देवी, सुगिया देवी, लाली देवी आदि ने बताया कि पहले भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। इधर मौजूदा सरकार की ओर से नई जीविका कर्मियों को 10-10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि पुरानी जीविका दीदियों कोई सहायता राशि नहीं मिली है। जीविका दीदियों ने नीतीश सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
महिलाओं ने कहा कि हम लोग अब दूसरी सरकार बनाने का काम करेंगे। जीविका दीदियों ने कहा कि हम लोग काफी पुराने हैं। फिर भी हमें कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
दूसरी ओर, जीविका के बीपीएम चेतन कुमार ने कहा कि कई जीविका दीदियों को राशि नहीं मिली है। इसकी जानकारी हम लोगों को है। विभाग के द्वारा सभी का नाम भेजा गया है। अचानक आचार संहिता लगने के कारण राशि नहीं भेजी गई है। आगे सबको राशि भेजी जाएगी।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लेकर आई थी। इसके तहत हर घर की एक महिला सदस्य को रोजगार शुरू करने के लिए एकमुश्त 10 हजार रुपये की राशि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा रही है। बिहार सरकार का दावा है कि अब तक लगभग डेढ़ करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल गया है। सरकार ने इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं के जीविका दीदी बनने की शर्त रखी है। यानी कि नई के साथ-साथ पुरानी जीविका दीदियां भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं।