सूत्रों के मुताबिक, लड़का काबुल एयरपोर्ट के रेस्ट्रिक्टेड एरिया में घुसा और विमान के पिछले हिस्से में बने लैंडिंग गियर कंपार्टमेंट में छिप गया. यह किसी भी यात्री और क्रू मेंबर की नजरों से बच गया. करीब दो घंटे की उड़ान पूरी होने के बाद जब विमान दिल्ली पहुंचा, एयरलाइन स्टाफ ने इस असामान्य स्थिति को नोटिस किया.
जैसे ही विमान लैंड हुआ और लड़के को विमान के पास घूमते देखा गया, सुरक्षा कर्मी सतर्क हो गए. उत्तरी अफगानिस्तान के कुंदुज शहर का रहने वाला यह किशोर CISF के हवाले कर दिया गया. शुरुआती पूछताछ में लड़के ने कहा कि वह विमान में उत्सुकतावश चढ़ गया था, लेकिन उसे इसमें शामिल खतरों का सही अंदाजा नहीं था.
KAM एयरलाइंस के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत लैंडिंग गियर कंपार्टमेंट की गहन जांच की. जांच के दौरान एक छोटा लाल स्पीकर भी पाया गया, जो संभवतः लड़के का था. अधिकारियों ने कहा कि विमान को तोड़फोड़-रोधी उपायों और व्यापक सुरक्षा जांच के बाद सुरक्षित घोषित किया गया.
इस घटना ने एयरपोर्ट सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि किसी भी विमान के रेस्ट्रिक्टेड हिस्से में किसी का प्रवेश बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता था.
अधिकारियों ने बताया कि लड़के को उसी विमान से अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया, जो दोपहर लगभग 12:30 बजे दिल्ली से रवाना हुआ. इस घटना से यह भी पता चलता है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.