मधेपुरा/सरौनी कला/अमर अक्की की रिपोर्ट
जदयू के जिला उपाध्यक्ष और मुखिया प्रतिनिधि मुकेश कुमार मुन्ना जो राजनीतिक रंजिश और 10 लाख की रंगदारी के आरोप में जेल गए थे, अब जमानत पर बाहर आ गए हैं. इस मामले ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी थी.
यह घटना दर्शाती है कि राजनीति में आपसी दुश्मनी किस हद तक बढ़ सकती है. इस मामले में लगे आरोप काफी गंभीर थे, जिसमें रंगदारी जैसा जघन्य अपराध शामिल था. युवा नेता का जेल से बाहर आना उनके समर्थकों के लिए राहत की बात है और कार्यकर्ताओं में जोश का माहौल है. हालांकि, विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं और इसे न्यायपालिका का दुरुपयोग बता रहे हैं. देखना होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है.
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दुश्मनी अक्सर सार्वजनिक जीवन पर हावी हो जाती है।