मधेपुरा: गुरुवार की शाम अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में एक खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. सड़क निर्माण एजेंसी के मुंशी वैभव कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. कहा जा रहा है कि अपराधियों ने यह कदम रंगदारी की रकम न मिलने पर उठाया.

घटना गरैया टोला से ढोलबज्जा जाने वाली सड़क पर हुई. वैभव कुमार, जो राजपुर पश्चिमी पंचायत वार्ड 12 भटगामा गोठ बस्ती के रहने वाले थे, उस वक्त पुल निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे थे. अचानक हथियारों और लाठी-डंडों से लैस आधा दर्जन से ज्यादा अपराधी वहां पहुंचे. पहले उन्होंने वैभव को लाठी-डंडों से पीटा और जब उन्होंने विरोध किया तो गोलियों की बौछार कर दी.
ताबड़तोड़ फायरिंग
वैभव के शरीर में आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां लगीं. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौसा पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. वहीं इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
इन लोगों पर लगाए आरोप
मरने से पहले पुलिस को दिए बयान में वैभव ने साफ-साफ जदयू नेता और भटगामा के मुखिया प्रतिनिधि सुशील यादव, उनके बेटे, भाई और कुछ अन्य लोगों का नाम लिया. वैभव ने बताया था कि सुशील यादव उनसे 10 लाख रुपये रंगदारी मांग रहे थे.
परिवार का आरोप
इतना ही नहीं, 30 जुलाई को भी सुशील यादव के बेटे आकाश यादव और उसके सहयोगियों ने वैभव पर जानलेवा हमला किया था. उस वक्त वैभव ने चौसा थाना में एफआईआर भी दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. मृतक की मां शोभा देवी का कहना है कि अगर पुलिस ने उस समय कदम उठाया होता तो आज उनके बेटे की जान बच सकती थी.
छापेमारी जारी
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. मृतक के परिवार ने सुशील यादव सहित दस लोगों के खिलाफ चौसा थाना में मामला दर्ज करवाया है. इस वारदात ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर रंगदारी और दबंग राजनीति के सामने कानून कब तक कमजोर साबित होगा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे हादसे और भी हो सकते हैं.