Kosi Live-कोशी लाइव Bihar Bhumi: रैयतों के लिए खुशखबरी! अब एक फॉर्म भरिए, आपके नाम हो जाएगी पूर्वज की जमीन... - Kosi Live-कोशी लाइव

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Monday, August 18, 2025

Bihar Bhumi: रैयतों के लिए खुशखबरी! अब एक फॉर्म भरिए, आपके नाम हो जाएगी पूर्वज की जमीन...

BIHAR/पूर्णिया। जिले में जमीन के दस्तावेजों में त्रुटियों की भरमार की वजह से बड़ी संख्या में रैयत परेशान हैं। अपने पूर्वजाें के नाम की जमीन अपने नाम कराने में भी उनके वारिसों को अंचल से लेकर जिला कार्यालय तक की दौड़ लगाते चप्पलें घिस जाती है।

बावजूद बिना बाबुओं को चढ़ावा दिए उनके काम नहीं होते, लेकिन अब सरकार ने ऐसे रैयतों को राहत दी है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण के साथ ऑनलाइन जमाबंदी में गलतियों के सुधार के लिए राजस्व महा अभियान की शुरुआत की है। गत 16 अगस्त से शुरू हुआ यह अभियान 30 अक्टूबर तक चलेगा।

इसके तहत बस एक फॉर्म भरकर रैयत अपने पूर्वज की जमीन अपने नाम ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके साथ ही अपनी जमीन के दस्तावेजों की अन्य त्रुटियों में भी सुधार करा सकते हैं।

जिले में कुल जमाबंदी की संख्या है 15,04,383

जिले के सभी 14 अंचलों में रैयतोें की जमीन की कुल जमाबंदी कुल 15,04,383 है। इसमें अधिकांश में त्रुटियों की वजह से रैयत परेशान हैं। खासकर जमीन के दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन के दौरान किसी रैयत का नाम गलत कर दिया गया है तो किसी का खाता, खेसरा व रकवा परिवर्तित कर दिया गया।

इसके अलावा मृत पूर्वजों के नाम की जमीन का ट्रांसफर नहीं होने से भी रैयत परेशान हैं। राजस्व अभियान में उन सभी त्रुटियों में सुधार का दावा विभाग द्वारा किया गया है।अपर समाहर्ता रवि राकेश ने बताया कि रैयतों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए उनके घर-घर जाकर जमीन के दस्तावेज में सुधार के लिए रैयतों को प्रेरित किया जा रहा है।

बताया कि अभियान की शुरुआत 16 अगस्त से हुई है और दो दिनों में अब तक 87,813 जमाबंदी का वितरण किया जा चुका है। 18 से रैयतों के घर घर जाकर उन्हें दस्तावेज सौंपने का काम किया जा रहा है जो 20 सितंबर तक चलेगा। तृतीय चरण 21 सितंबर से 30 अक्टूबर तक चलेगा।

वंशावली के आधार पर की जाएगी जमाबंदी

अपर समाहर्ता ने बताया कि महा अभियान के तहत उत्तराधिकार नामांतरण में भी सुधार किया जाएगा। यदि किसी भू-स्वामी की मृत्यु हो गई है, तो उनके वारिसों के नाम वंशावली के आधार पर जमाबंदी की जाएगी। संयुक्त जमाबंदी के मामलों में, आपसी सहमति या रजिस्टर्ड बंटवारे के आधार पर अलग-अलग जमाबंदी की जाएगी, जबकि छूटी हुई जमाबंदियों का डिजिटलीकरण भी होगा।

जिन जमाबंदियों को अभी तक ऑनलाइन नहीं किया गया है, उन्हें भी इस चरण में डिजिटाइजेशन किया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन जमाबंदी में खाता, खेसरा, रकवा आदि की त्रुटियों में भी सुधार किया जाएगा। एडीएम ने बताया कि सभी सीओ, प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, एसडीओ को अपने-अपने क्षेत्रों में रैयतों के बीच जमाबंदी की प्रति का वितरण करने का निर्देश दिया गया है।

अंचलजमाबंदी की संख्यावितरण की गई जमाबंदी
पूर्णिया पूर्व1,80,2684,690
केनगर1,01,18710,373
श्रीनगर54,12926,924
कसबा98,8481,10,025
जलालगढ़56,9992,831
बनमनखी1,37,4503,789
धमदाहा1,47,04412,377
भवानीपुर84,4433,239
रुपौली1,00,34711,087
बीकोठी97,7205,235
डगरूआ1,06,9455,292
बायसी99,0854,681
बैसा86,9484,835
अमौर1,52,9705,690