Kosi Live-कोशी लाइव Saharsa Bihar: सात साल बाद पुलिस को आई लापता भाजपा नेत्री की याद, फिर शुरू हुई तलाश; 2018 में हुई थी रहस्यमय गुमशुदगी - Kosi Live-कोशी लाइव

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Monday, February 3, 2025

Saharsa Bihar: सात साल बाद पुलिस को आई लापता भाजपा नेत्री की याद, फिर शुरू हुई तलाश; 2018 में हुई थी रहस्यमय गुमशुदगी





सात साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुईं भाजपा नेत्री संजना तांती की गुमशुदगी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 12 जनवरी 2018 को घर से निकलीं संजना का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था, लेकिन सहरसा पुलिस ने एक बार फिर इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात पुलिस ने सोशल मीडिया पर उनका पोस्टर जारी कर लोगों से जानकारी साझा करने की अपील की। एसपी हिमांशु के निर्देश पर पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई है।




पति से फिर हुई पूछताछ, नए सिरे से जांच शुरू
सदर थाना के सब-इंस्पेक्टर महेश कुमार और अन्य अधिकारियों की टीम ने संजना के पति गौरीशंकर से उनके घर जाकर पूछताछ की। बताया जा रहा है कि 12 जनवरी 2018 को संजना यह कहकर घर से निकली थीं कि वह अपने नानी घर जा रही हैं, लेकिन न तो वह वहां पहुंचीं और न ही वापस लौटीं। जब कई दिनों तक कोई खबर नहीं मिली, तो उनके पति गौरीशंकर ने सदर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

हत्या और लापता होने की आशंका
इस मामले में शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेकिन बाद में संजना के पति ने दो लोगों पर हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मोबाइल सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के आधार पर तीन लोगों को अप्राथमिकी आरोपी बनाया था। मामला इतना गंभीर हो गया था कि पुलिस ने पति सहित पांच लोगों का नार्को टेस्ट कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसमें एक मुखिया, संजना के पति और दो सहकर्मी शामिल थे। तत्कालीन एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी की अगुवाई में एसआईटी का गठन कर न्यायालय से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ पाई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

संजना ने विधानसभा और पंचायत चुनाव लड़ा था
संजना तांती राजनीति में काफी सक्रिय थीं। उन्होंने 2015 में पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी (JAP) के टिकट पर सहरसा विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इसके अलावा उन्होंने पटुआहा से मुखिया पद का भी चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों चुनावों में हार मिली थी। उनके लापता होने का मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा था, जिसके चलते कई बार धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम भी किया गया था।



पति अमेरिका में करता था काम
संजना के पति गौरीशंकर का मूल घर महिषी थाना क्षेत्र के सरौनी गांव में है। वह शादी से पहले एक केंद्रीय मंत्री का सेवक था और 2003 में अमेरिका के बोस्टन चला गया, जहां वह घरेलू काम करता था। 2017 में वह अमेरिका से भारत लौटा था और कुछ ही महीनों बाद 12 जनवरी 2018 की शाम सात बजे उसकी पत्नी लापता हो गई। 15 जनवरी को उसने सदर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और एसआईटी का गठन किया गया था। एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

हाई कोर्ट के आदेश पर दोबारा जांच में जुटी पुलिस
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद न्यायालय ने मामले की गहराई से जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद एसपी ने केस की समीक्षा कर नए सिरे से छानबीन शुरू करवाई। पुलिस अब जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संपर्क कर 12 जनवरी 2018 से अब तक मिली अज्ञात महिलाओं की लाशों की रिपोर्ट खंगाल रही है, ताकि संजना तांती के गुमशुदगी के रहस्य से पर्दा उठाया जा सके।

क्या इस बार सुलझ पाएगा मामला?
सात साल बाद संजना तांती की गुमशुदगी पर पुलिस की सक्रियता से एक बार फिर उम्मीद जगी है कि इस रहस्यमय घटना का सच सामने आ सकता है। पुलिस की जांच और जनता के सहयोग से इस मामले में कोई ठोस सुराग मिल सकता है या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।