मधेपुरा के कुख्यात और फरार 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश सिटू यादव को पुलिस ने मुरलीगंज थाना क्षेत्र के खारी बुधमा में उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। वह चौसा थाना क्षेत्र के रसलपुर धुरिया का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से एक लोडेड कट्टा, 17 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
शनिवार की शाम एसपी संदीप सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एएसपी एवं उदाकिशुनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इसमें मुरलीगंज थानाध्यक्ष अजीत कुमार, बिहारीगंज थानाध्यक्ष अमित रंजन, अरार थानाध्यक्ष प्रमोद प्रसाद और तकनीकी शाखा के कर्मियों को शामिल किया गया।
टीम ने लगातार सूचना संकलन और तकनीकी विश्लेषण के जरिए सिटू यादव की लोकेशन का पता लगाया और उसे घेराबंदी कर दबोच लिया।
छह से अधिक मामले थे दर्ज
गिरफ्तारी के बाद सिटू यादव ने दो दिसंबर 2024 को चौसा थाना क्षेत्र के अरजपुर में रवि यादव की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की। बताया कि दो गुटों में आपसी रंजिश के कारण उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर हत्या की थी। बता दें कि कार सवार रवि यादव को बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया था।
हत्या में उसके साथ नीतीश यादव, सत्यम यादव, बबला यादव, मनीष मंडल (खगड़िया जेल में बंद) और नीतीश यादव का बहनोई शामिल थे। एसपी ने बताया कि सिटू यादव पर कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और बीएनएस के तहत मामले शामिल हैं।
चौसा, पुरैनी और अन्य थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ छह से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सिटू यादव की गिरफ्तारी को मधेपुरा पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे जिले में अपराधियों में डर और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। पुलिस अब उसके गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
