जिले में साइबर अपराधी ठगी के नये-नये तरीके ईजाद कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कभी एसबीआई आफिसर बनकर, कभी एसडीओ बनकर तो कभी अन्य तरीके से साइबर ठग ठगी कर रहे हैं।
साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर 34 हजार रुपये उड़ा लिया। पीड़ित के आवेदन पर साइबर थाना में रिपोर्ट करते हुए पुलिस ने ठगी की राशि को तत्काल कार्रवाई करते हुए हाल्ड कराया दिया है। साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। रुपया हाल्ड करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।इस मामले में महिषी थाना क्षेत्र के तेलहर निवासी मो मंजर आलम ने बताया कि बीते 22 सितंबर को मेरे मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप विडियो कॉल आया और अपना परिचय सीबीआई ऑफिसर , हेड ब्रांच , दिल्ली के रूप में बताकर मुझे डरा धमका कर कहा कि तुम्हारे नाम से पार्सल आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल 3 दिल्ली में पकड़ाया है। जिसमें16 पासपोर्ट, 58 एटीएम कार्ड है जो मलेशिया जा रहा था। पीड़ित ने बताया कि विडियो कॉलिंग पर सभी वर्दी में थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे लोग सही में सीबीआई ऑफिसर है। जिसके कारण मैं बुरी तरीके से डर गया।पीड़ित ने बताया कि उसके बाद फर्जी सीबीआई आफिसर ने मेरा आधार कार्ड, पेन कार्ड नम्बर बताते हुए कहा कि आपके आधार एवं पेन कार्ड का गलत उपयोग किया जा रहा है। जिससे में काफी डर गया। पीड़ित ने उन्होंने मुझसे कहा कि अगर इससे बचना चाहते हो तो तुमको कुछ रूपया का व्यवस्था करना होगा। फिर मुझसे पुछा तुम्हारे एकाउंट में अभी कितना रूपया है। पीड़ित ने डर से बताया कि मेरे एकाउंट में 35 हजार रुपये है। तब उन्होने यूपीआई आईडी पर 34 हजार रुपये भेजने के लिए कहा ताकि तुम पर केस नहीं करूंगा। पीड़ित ने डर के कारण अपने एकाउंट से से फोनपे पर रूपया भेज दिया। फिर पुछने लगा और कोई एकाउंट में पैसा है तब ठगी का एहसास हुआ। हुई है।
एसडीओ बन कर ठगी: पैक्स चुनाव लड़ने वाले सिहौल निवासी अंशु कुमार ने पैक्स चुनाव में जीत के लिए सेटिंग करने के नाम पर एसडीओ बन कर एक लाख रुपये ठगी का रिपोर्ट दर्ज कराया है। पीड़ित ने बताया 26 नवंबर को मेरे मोबाइल फोन नबंर पर एक कॉल आया और कहा कि एसडीओ बोल रहा हू। आप चुनाव हार रहे हैं। सेटिंग करवानी है तो एक लाख रुपये भेजिए। जिसके बाद तीन बार में एक लाख रुपये भेज दिया।
गलत तरीके से रकम निकासी: बटराहा निवासी भव नाथ झा ने क्रेडिट कार्ड का लेने का आफर देकर करीब एक लाख रुपया ठगी का रिपोर्ट दर्ज कराया है। पीड़ित ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी शेयर कर दिया। जिसके बाद खाते से फर्जीवाड़ा कर रुपये निकासी कर लिया गया ।
मेडिकल छात्र से ठगी: बैजनाथपुर स्थित लार्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे हाजीपुर वैशाली निवासी शुभम कुमार इंस्टाग्राम लिंक के माध्यम से एक व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ कर 1.61 लाख रुपये गंवा बैठे। पीड़ित को टास्क कंप्लीट करने और निवेश करने के नाम पर कमाई का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया गया।
पिछले साल तक 102 मामले दर्ज: साइबर थाना में 2023-2024 मिला कर कुल 102 कांड दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2023 में 37 कांड दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अब तक 65 कांड दर्ज कराया गया । साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि जागरूकता के माध्यम से हीं लोग साइबर अपराध से बच सकते हैं। अपना वित्तीय नुकसान होने से बच सकते हैं। अंजान नंबर से कॉल रिसीव नहीं करना है। कभी भी किसी अंजान लिंक पर क्लिक नहीं करें।निजी डाटा किसी अनजान के साथ या दूरभाष पर शेयर नहीं करें। गोपनीय जानकारी मोबाइल फोन में नहीं रखना चाहिए। एप के टर्म कंडीशन को पढ़े बिना न उसे स्वीकार करें और न ही मोबाइल फोन में इंस्टाल करें। उन्होंने बताया कि कोई भी बैंक या बिजली विभाग कभी कोई निजी जानकारी नहीं मांगता है। बिजली या फोन काटने की सूचना भी फोन पर नहीं देता है।इससे संबंधित कोई भी कॉल आये तो उसे नजरअंदाज करना है। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 नंबर पर पूरी जानकारी देनी चाहिए।
