बनमनखी (पूर्णिया)। सांसद पप्पू यादव गुरुवार देर रात्रि पूर्णिया जिला आईटी सेल सांसद प्रभारी दिवंगत आर्यन शर्मा के परिजनों से मिलने उनके निजी आवास राजहाट बनमनखी पहुंचे।
यहां सांसद ने उनकी 7 वर्ष की बेटी काव्या, पत्नी एवं परिवार के अन्य लोगों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। अश्रुपूर्ण नेत्रों से पप्पू यादव ने कहा आर्यन मेरे बेटे जैसा था और हमने अपने बेटा को खो दिया है।
उन्होंने कहा, हम प्रत्येक दिन 5 बजे से पहले ही उठ जाते हैं, जरूरी मैसेजेस, लोगों की समस्या का समाधान का प्रयास और खुद की रोजमर्रा की चीजें को देखते हुए सुबह की कॉपी और अलग-अलग अखबार पढ़ने के साथ दिन शुरू होता है, मगर 22 जनवरी की सुबह कुछ ऐसी हुई, जिससे सूरज की रोशनी में भी हर तरफ बस अंधकार ही अंधकार नजर आ रहा था।
'हमारी पूरी दुनिया बदल दी'
पप्पू यादव ने कहा, अहले सुबह एक फोन आया और उसमें बताई गई बातों ने हमारी पूरी दुनिया ही बदल दी। मेरा भाई, मेरे बच्चे जैसा साथी मेरा आर्यन हम सबों को छोड़ कर चला गया। फिर क्या था, क्या करें, क्या कहें, क्या लिखें कुछ समझ नहीं आ रहा था। अब सब कुछ शून्य सा लग रहा है। मेरे जैसे मजबूत दिल वाले आदमी को उस बच्चे के पार्थिव शरीर के दर्शन करने तक की हिम्मत नहीं हुई।
'मेरा आर्यन...'
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हम अगर पूर्णिया से दूर भी रहते थे, तो एक निश्चिंतता होती थी कि मेरा आर्यन सब संभाल लेगा। मेरे लोगों की क्षेत्र में जो परेशानी होगी, उसे बिना किसी देरी के दूर करने में तत्पर्ता दिखाते थे। वो मेरे जागने से पहले जगा रहता और सोने की बाद सोता था। पूर्णिया में ऐसी कोई सेवा, ऐसा कोई काम जो हम करना चाहते थे, वो सब समय पर मैनेज करना उसके ही बस का था।
'कहां से लाएंगे दूसरा आर्यन?'
उन्होंने पूछा, अब हम कहां से लाएंगे दूसरा आर्यन? उन्होंने कहा कि जिंदगी के फलसफे में उदासियों के वो शब्द नहीं, जो हृदय की वेदना को व्यक्त कर सकें। आर्यन की अनंत खामोशियां तिल-तिल मारती हैं। इस कम उम्र में सबको अपना बनाने वाला और सबके दिल में उतर जाने वाला इंसान था।
आध्यात्म और ईश्वर के संपूर्ण दर्शन को आत्मसात किया था उसने। पता नहीं, यह कौन सी गुनाह सजा है, जो हम सबको, पूर्णिया को और अपनी इसी छोटी सी बच्ची से दूर ईश्वर ने बुला लिया उसे।
पप्पू यादव ने कहा कि आर्यन के जाने से अनंत शून्यता का भाव है। ये कसक है ही इतनी दर्द भरी कि शब्द का एहसास भी मेरे दिल का हाल बयां नहीं कर पाएगा। आर्यन रुका भी नहीं और चला गया।
कौन-कौन मौजूद रहा?
उक्त मौके पर सांसद के साथ राजेश यादव, बनमनखी प्रतिनिधि नटवर झा, सभापति प्रतिनिधि नरेश यादव, अनुश्रवण कमिटी उपाध्यक्ष गोपाल सिंह, गोपाल चौधरी, जेडी यादव, महताब खान, राकेश यादव, आलोक अकेला, युवा शक्ति अध्यक्ष निशांत सिंह निशु आदि मौजूद थे।
